कोसीकलां (मथुरा)। रामलीला संस्थान के तत्वावधान में बुधवार की शाम दशरथ दरबार की झांकी धूमधाम के साथ निकाली गई। झांकी देखने के लिए जनसमूह उमड़ पड़ा। रामलीला मैदान में राम जन्म लीला का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा किया गया, लीला देखकर मैदान में मौजूद श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
शाम 6 बजे ब्राह्मण सभा धर्मशाला से दशरथ दरबार के जीवन से संबधित राजा दशरथ का दरबार, माता कौशल्या को चतुर्भुज दर्शन की झांकी निकाली गई। झांकियां रामलीला मैदान पर जाकर समाप्त हुई। सवारी का आरंभ मुख्य अतिथि जुगल किशोर सराफ ने आरती उतारकर किया। सवारी में आगे-आगे बैंडबाजों की मधुर धुनें सभी को मोह रही थीं।
सवारी को रामलीला मैदान में पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगा। पूरा सवारी मार्ग बच्चे, महिलाओं से भरा हुआ था। हर कोई झांकियों के दर्शन करने को उत्सुक था। संयोजक सुभाष बांसईया, अध्यक्ष कमल किशोर वार्ष्णेय, अन्नू वैद्य, मुकेश जैन, सौरभ जैन, रजनीश खंडेलवाल, अमित बठैनिया, अंकित गुप्ता आदि साथ थे।
रात्रि में रामलीला मैदान में कलाकारों द्वारा राम जन्म लीला का मंचन किया गया। लीला में अग्निदेव ने महाराजा दशरथ को दिए फल का यथायोग्य भाग बनाकर तीनों रानी को खिला देना और समय आने पर कौशल्या को श्रीराम, कैकेयी ने भरत एवं सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। राम जन्म के बाद बधाई उत्सव आयोजित किया गया। मेले के दौरान बृहस्पतिवार सीता जन्म एवं ताड़का वध लीला का मंचन रामलीला मैदान में रात्रि 8 बजे से किया जाएगा।