दिवाली पर आतिशबाजी ने एक बार फिर मथुरा में प्रदूषण के मानकों को पीछे छोड़ दिया। प्रदूषण निर्धारित मानक से करीब चार गुना अधिक दर्ज किया गया है। घनी आबादी क्षेत्र में इंडेक्स 370 दर्ज हुआ है तो बाहरी क्षेत्र में 111 एक्यूआई रहा। इससे शुक्रवार को लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। आंखों में जलन भी बढ़ गई। वृंदावन में 448 एक्यूआई दर्ज किया गया।
मथुरा में जमकर आतिशबाजी हुई
बृहस्पतिवार को दिवाली पर धार्मिक नगरी मथुरा में जमकर आतिशबाजी हुई है। सूर्यास्त से पहले ही शुरू हुई आतिशबाजी मध्य रात के बाद तक अनवरत चलती रही। इससे आसमान में झिलमिलाहट के साथ तेज धमाकों की गूंज बनी रही। इससे वातावरण में धुंध छाई रही। आम दिनों में रहने वाले प्रदूषण के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। नगर निगम द्वारा लगाए गए प्रदूषण और तापमान मापक यंत्र के अनुसार शहर में अलग-अलग स्थानों पर दिवाली के दिन प्रदूषण का इंडेक्स 111 से लेकर 370 एक्यूआई दर्ज हुआ है। होलीगेट और इसके आसपास एक्यूआई सबसे अधिक 370 रहा है, जबकि लक्ष्मीनगर यमुना पार क्षेत्र में न्यूनतम 111 एक्यूआई रहा है। इसके अलावा पीएम10 और पीएम 2.5 भी खतरनाक स्थिति में रहे। इससे शहर के कई इलाकों में लोगों ने आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायत सामने आई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार का कहना है कि दिवाली पर प्रदूषण बढ़ जाता है।
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