पार्क में बैठ कर रेकी करते रहे बदमाश
पता चला कि वह पुलिस के दबाव में समर्पण करने आया है। उसे डर था कि पुलिस एनकाउंटर में मारा जाएगा। घटना वाले दिन वह नरेंद्र उर्फ लाला के साथ कमला नगर स्थित कंपनी की शाखा के बाहर पार्क में बैठा रहा था। डकैती में फिरोजाबाद के नरेंद्र के अलावा, रेनू पंडित उर्फ अभिनाश कुमार मिश्रा, संतोष जाटव उर्फ चाचा, अंशुल सोलंकी उर्फ लालू, मनीष पांडेय उर्फ राजा, निर्दोष प्रजापति शामिल थे। दोपहर 12 बजे से 1:15 बजे तक शाखा के सामने पार्क में बैठकर रेकी की। प्रभात ने शाखा के पास अपने बचपन के दोस्त निर्दोष के साथ रेस्टोरेंट में नाश्ता किया। दोपहर 1:15 बजे आफिस में रेनू पंडित, नरेंद्र, गए। थोड़ी देर बाद संतोष, अंशुल सोलंकी, फिर मनीष पांडेय और निर्दोष शाखा में पहुंच गए। पांच के पास पिस्टल थीं, जबकि चार के पास बैग थे। प्रभात बाहर खड़ा होकर निगरानी करता रहा, जिससे पुलिस के आने पर सूचना दी जा सके। घटना के बाद मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार कमला नगर के मुख्य बाजार की तरफ चले गए। वह सोने से भरे दो बैग लेकर चले गए। प्रभात को अपना हिस्सा भी नहीं मिल पाया। उनमें तय हुआ था कि निर्दोष और मनीष कुबेरपुर पर यमुना एक्सप्रेसवे के कट पर मिलेंगे, यहां पर अपना हिस्सा बांट लेंगे। इसके बाद नोएडा भागने का प्लान था।
वारदात में शामिल थे सात बदमाश
पुलिस को आरोपी प्रभात शर्मा से पूछताछ में पता चला कि वारदात में एक अन्य बदमाश संतोष जाटव उर्फ चाचा भी शामिल था। अब पुलिस की दस टीम गैंग के सरगना एक लाख के इनामी नरेंद्र उर्फ लाला उर्फ अनिल और उसके तीन साथियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।
आगरा डकैती कांड: हिस्ट्रीशीटर लाला पर एक लाख रुपये का इनाम, पुलिस की छह टीमें तलाश में जुटीं