राष्ट्रीय राजमार्ग 19 के खंदारी फ्लाईओवर पर शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे मथुरा की तरफ से आ रहा 20 टन एलपीजी से भरा टैंकर स्टेयरिंग लॉक होने के कारण पलट गया। डिवाइडर से टकराने के बाद हाईवे की दूसरी तरफ पहुंच गया। टैंकर में फंसे चालक और परिचालक को लोगों ने किसी तरह बाहर निकाल दिया। हाईवे पर टैंकर पलटने से यातायात ठप पड़ गया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। 9 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। शाम 7 बजे क्रेन से टैंकर को हटाया जा सका। इसके बाद एक घंटे में यातायात सुचारु हो सका। इस दौरान अरतौनी से रामबाग के आगे तक करीब 18 किलोमीटर के हिस्से में जाम के हालात रहे। जाम में पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी फंस गए थे।
हादसे की सूचना पर थाना सिकंदरा, न्यू आगरा और हरीपर्वत थाने से पुलिस की फोर्स पहुंची। 10 दमकलों को बुला लिया गया। दमकलों ने टैंकर को ठंडा करने के लिए उस पर पानी डालना शुरू कर दिया। इस दौरान भगवान टॉकीज की तरफ से आने वाले वाहनों को आईएसबीटी की तरफ से सर्विस रोड होकर निकाला गया, जबकि सिकंदरा की तरफ से आने वाले वाहनों को खंदारी फ्लाईओवर की जगह सर्विस रोड से निकाला गया। इससे जाम लग गया। सैकड़ों की संख्या में वाहन हाईवे पर फंस गए। सबसे अधिक खराब हालात खंदारी फ्लाईओवर से वाटर वर्क्स तक के रहे।
यहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहर बाद यातायात पुलिस ने कानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को कुबेरपुर से डायवर्ट करना शुरू किया , जबकि मथुरा की तरफ से आने वाले वाहनों को रुनकता से पहले डायवर्ट किया गया। शाम तकरीबन 4:00 बजे एक बड़ा हाइड्रा, चार-पांच छोटे हाइड्रा और क्रेन को बुलाया गया। शाम तकरीबन 7 बजे हाइड्रा की मदद से टैंकर को सीधा किया जा सका। इस दौरान हाईवे की दोनों तरफ सर्विस रोड पर पूरी तरह से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। तकरीबन 9 घंटे तक लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ा।
उपमुख्यमंत्री जाम में फंसे
दोपहर 2 बजे के करीब पूर्व उपमुख्यमंत्री सिकंदरा स्थित एक होटल में कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। अबुल उल्लाह दरगाह के पास उनका काफिला भी जाम में फंस गया। सूचना पर पुलिस फोर्स दौड़ पड़ी। पुलिस ने उनके वाहनों को सर्विस रोड से रॉन्ग साइड पर लाकर निकाला।
एलपीजी से भरा टैंकर पलटने के बाद लोगों के दिलों की धड़कन तेज हो गई। टैंकर गिरने की वजह से तेज आवाज हुई। हाईवे पर दौड़ते वाहन रुक गए। हर कोई दहशत में आ गया। यह सोचने लगा कि टैंकर में गैस रिसाव के बाद विस्फोट हो जाएगा। इस वजह से लोग कई 100 मीटर दूर जाकर खड़े हुए। बाद में पुलिस पहुंची। पुलिस ने हिम्मत दिखाई। यह चेक किया कि गैस रिसाव तो नहीं हो रहा है। रास्ते से जाने वाले वाहनों को रोका।
मरीज कराहते रहे, सायरन बजाती रहीं एंबुलेंस
हाईवे पर जाम में बड़ी संख्या में एंबुलेंस भी फंस गईं। इनमें मरीजों का हाल बेहाल हो गया। भगवान टॉकीज से सिकंदरा और सिकंदरा से भगवान टॉकीज की तरफ जाने वाली एंबुलेंस को भगवान टॉकीज से दीवानी की तरफ डायवर्ट करके मदिया कटरा होते हुए गुरुद्वारा गुरु का ताल फ्लाईओवर से निकाला जा रहा था। इस लंबी दूरी में तकरीबन एक से डेढ़ घंटा लग रहा था। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ट्रैफिक डायवर्जन से नहीं मिली राहत
टैंकर पलटने के बाद सुबह 11:00 बजे से जाम लगना शुरू हो गया था। भारी व सवारी वाहन से लेकर छोटे वाहन भी फंस गए। पुलिस ने जाम से निजात दिलाने के लिए सबसे पहले भारी वाहनों को हाईवे पर आने से रोका। इसके लिए कुबेरपुर और रुनकता में रैपुरा जाट से वाहनों को डायवर्ट किया गया। फिरोजाबाद की तरफ जाने वाले वाहनों को रैपुरा जाट से किरावली होते हुए निकाला गया। वहीं कुबेरपुर से मथुरा की तरफ जाने वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट किया गया।
मगर, इससे कोई फायदा नहीं हुआ। हाईवे पर लंबा जाम लगा हुआ था। खंदारी से शाहदरा तक तो रुनकता तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। हाईवे पर वाहन रोके जाने से सर्विस रोड पर भी भयंकर समस्या का सामना करना पड़ा। भगवान टॉकीज से दीवानी और हरिपर्वत पर की तरफ भी वाहनों की लंबी लाइन लग गई। लोगों ने छोटे मार्गों से अपने वाहन निकालने शुरू किए तो यहां भी जाम में फंस गए। गांधीनगर, यमुना किनारा, खंदारी, ट्रांसपोर्ट नगर, मडिया कटरा, सिकंदरा, बोदला मार्ग आदि मार्ग पर भी जाम लग गया। टैंकर को हाईवे से हटाने के बाद ही लोगों को राहत मिल सकी।