तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले अधेड़ को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सोमवार को सुनाई गई। जुर्माने की रकम अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। दुष्कर्मी ने वर्ष 2020 में वारदात को अंजाम दिया था।
अपर सत्र न्यायाधीश दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट प्रथम कुमार गौरव की अदालत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को फैसला सुनाया गया। न्यायाधीश ने 50 वर्षीय दुष्कर्मी भागीरथ निवासी नई बस्ती मोहल्ला रेवाड़ी थाना कोतवाली नगर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। एडीजीसी शांतुन पाराशर ने बताया कि चार फरवरी 2020 की शाम करीब पांच बजे तीन वर्षीय बिटिया घर के बाहर खेल रही थी। तभी भागीरथ आया और अपने साथ ले गया। काफी देर तक बेटी घर नहीं लौटी तो तलाश की गई। तभी भागीरथ के पड़ोसी ने बेटी के घर में होने की सूचना दी। इस पर दोषी के घर पहुंचे। बच्ची रक्तस्राव होने से पीड़ा से कराह रही थी। पिता को धक्का देकर दोषी भागने में सफल रहा था। इसके बाद कोतवाली नगर में शाम करीब सात बजे मुकदमा दर्ज कराया गया। न्यायाधीश ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है जो पीड़िता को दिया जाएगा।
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