आगरा। दवाओं के लाइसेंस के नाम पर टिंचर जिंजर की अवैध बिक्री कर मोटी कमाई कर रहे हैं। औषधि और आबकारी विभाग ने 11 मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई की है, यहां पर सिर्फ टिंचर ही बेचा जा रहा था। इसे भी तीन गुना से अधिक कीमत पर बेच रहे थे।
औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि एरोमेटिक कार्डेमम टिंचर में 85 से 87 फीसदी तक एल्कोहल होता है, जो कई वर्षों पहले खांसी के सीरप तैयार कर मरीजों को दिए जाते थे। अब इसे नशे के लिए उपयोग कर रहे हैं। विक्रेता 15 रुपये की शीशी को 45 से 50 रुपये में बेच रहे हैं। मेडिकल स्टोर की आड़ में बीते एक महीने में 11 मेडिकल स्टोर से टिंचर की अवैध बिक्री करते हुए पकड़ा है। इनके यहां पर टिंचर को छोड़कर अन्य एक भी तरह की दवा नहीं मिली। आबकारी विभाग के साथ अभी मुखबिरों की मदद से ऐसे स्टोर चिह्नित कर किए जा रहे हैं।
सील लगाने के साथ दर्ज करा रहे एफआईआर
आबकारी निरीक्षक विजय आनंद ने बताया कि मेडिकल स्टोर के अलावा चोरी-छिपे बिक्री करने वाले भी पकड़ रहे हैं। स्टोर सील करते हुए विक्रेताओं पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है।
अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक 25 पर कार्रवाई
औषधि विभाग ने 2020 अप्रैल से मार्च 2021 तक खासपुरा स्थित एसएस कॉलेज में किडनी की दवाओं का अवैध भंडारण समेत 25 मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां से 50 करोड़ की दवाएं जब्त हुईं। गोदाम सील करते हुए संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया। इनमें कोर्ट में भी मामला चल रहा है।
बीते एक महीने में यह की कार्रवाई:
- शर्मा ड्रग हाउस: एफआईआर
- भगवती मेडिकल स्टोर: एफआईआर
- बजरंग मेडिकल स्टोर: लाइसेंस सरेंडर
- प्रभात मेडिकल स्टोर के बगल की दुकान (बिना लाइसेंस): एफआईआर
- भैरव मेडिकल स्टोर: सील
- काकू मेडिकल स्टोर: सील
- कृष्णा मेडिकल स्टोर: सील
- मेट्रो कैमिस्ट: सील
- अलीशा ड्रग हाउस: सील
- लोहामंडी स्थित दुकान: सील
- दुकान, पालीवाल पार्क: नोटिस चस्पा
(जैसा कि औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया)