जिला कारागार अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि जेल के सामने कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन मुलाकात पर्ची कक्ष स्थापित किया गया था। इस कक्ष में लैपटॉप व अन्य सामान रखा गया। कोरोना काल समाप्त होने के बाद कंप्यूटर कक्ष में दो लैपटॉप और इनवर्टर रखा हुआ था। चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
शहर के लोगों का कहना है कि जब जेल के सामने से चोरी हो सकती है तो शहर के अन्य इलाके कैसे सुरक्षित होंगे। आए दिन शहर में चोरी की घटनाएं हो रही हैं।
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