आगरा में शुक्रवार शाम को यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। सिकंदरा से लेकर ताजमहल तक यमुना में दोनों छोर पर पानी पहुंच गया है। हालांकि इसमें गंदगी और जलकुंभी बड़ी मात्रा में नजर आई। इसके साथ ही सिकंदरा के कैलाश घाट और जीवनी मंडी वाटर वर्क्स पर लाखों मछलियां मरी हुई पाईं गईं।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश ने इस मामले में दोनों जगह कैलाश घाट और जीवनी मंडी का निरीक्षण किया और सैंपल एकत्र कराए। क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश के मुताबिक गोकुल बैराज से ही मछलियां मृत बहती हुई आई हैं। महीनों से बैराज में पानी एकत्र था, जिसमें मथुरा के नाले और औद्योगिक अपशिष्ट गिर रहा है।
हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गोकुल बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। उसी में मछलियां मरी पाई गई हैं, जो बहती हुई आगरा तक आई हैं। इसमें जलकुंभी की मात्रा ज्यादा है। पानी की स्थिति अगर आगरा में खराब होती तो पूरे क्षेत्र की मछलियां मृत पाई जातीं।