फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखन हत्याकांड: हत्या के केस में युवक को छुड़ाने के लिए वसूले 40 हजार, केस हुआ दर्ज

Sat, 21 Oct 2023 09:27 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

लखन हत्याकांड में पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिए गए एक युवक को छुड़ाने के नाम पर उसके परिजनों से 40 हजार रुपये वसूले गए। मामले में  तीन युवकों के विरुद्ध रंगदारी वसूलने का केस दर्ज किया गया है।
 
विज्ञापन
आगरा पुलिस की गाड़ी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के चर्चित लखन हत्याकांड के मामले में ट्रांस यमुना थाने में पूछताछ के लिए एक युवक को हिरासत में लिया गया। छुड़ाने के नाम पर उसके परिजन से तीन युवकों ने मीडियाकर्मी बनकर 40 हजार रुपये वसूल लिए। महिलाओं को डराया-धमकाया। इस मामले में तीन युवकों के विरुद्ध रंगदारी वसूलने का केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


नगला किशनलाल दर्शन नगर के योगेश कुमार ने बताया कि उनके पास 19 अक्तूबर को अनिल चौधरी ने कॉल किया। कहा कि वह मीडियाकर्मी है। लखन हत्याकांड में अपने भाई कुलदीप को बचाना है तो 50 हजार रुपये दे दो, मैं उसे थाने से छुड़वा दूंगा। इसके बाद अपने दो साथियों मनोज कुमार व रूपेंद्र चौधरी से भी फोन करवाया। मैंने मना कर दिया। जब वह घर पर मौजूद नहीं था तब तीनों युवक उसके घर आ धमके।

परिजन को धमकाया कि वह कुलदीप का एनकाउंटर भी करवा सकते हैं। उसकी पत्नी को भी जेल जाना पड़ेगा। तीनों युवकों के धमकाने पर उसके परिजन ने 40 हजार रुपये रूपेंद्र चौधरी को दे दिए और 10 हजार रुपये बाद में देने को कहा। इसके बाद तीनों ने धमकाया कि इस बारे में किसी को बताया तो तुम्हें फंसवा देंगे। डर के कारण थाने में शिकायत करने नहीं आया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध रंगदारी मांगने का केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी: बेटी की शादी का कार्ड देख मां के छूटे पसीने, पति ने पीठ पीछे कर दिया बड़ा कांड; दर्ज हुआ मुकदमा
विज्ञापन



जिसके लिए वसूली की, वह थाने से छूटा
तीनों युवकों ने कुलदीप नामक जिस युवक को छुड़वाने के लिए वसूली की थी। उसे पुलिस ने पूछताछ के बाद थाने से छोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को लखन हत्याकांड के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले तो छोड़ दिया गया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें