आगरा आरटीओ की लापरवाही से मरीजों की जान पर बन आई है। शहर में 198 एंबुलेंस बिना फिटनेस और चिकित्सकीय मानकों के मरीजों को अस्पताल पहुंचा रही हैं। इनको जांच कर सीज नहीं किया जा रहा है। डीएम के आदेश पर शुरू हुआ अभियान भी दो दिन में बंद हो गया।
आरटीओ के यहां पर 470 एंबुलेंस पंजीकृत हैं। आरटीओ के रिकाॅर्ड के अनुसार इनमें से 198 ने फिटनेस नहीं कराई है। एक-दो साल से फिटनेस जांच नहीं कराई गई है। बीते दिनों एसएन इमरजेंसी के बाहर मरीज को एंबुलेंस चालक के निजी अस्पताल में भर्ती कराने के मामले के बाद डीएम ने जांच के लिए आरटीओ को निदेश दिए थे। दो दिन में 29 एंबुलेंस बिना फिटनेस और मानकों के पकड़ी गईं। इनमें मरीज के लिए बीपी मापक, ऑक्सीजन अंबू बैग, दवाओं की किट समेत अन्य मानक भी नहीं थे। इनका चालान किया। इसके बाद अभियान बंद कर दिया।
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सीएमओ कार्यालय से 101 को ही एनओसी
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से 101 एंबुलेंस को ही चिकित्सकीय मानकों के परखने के बाद एनओसी जारी की गई है। फिटनेस से पहले चिकित्सकीय मानकों की एनओसी जरूरी है। आरटीओ जांच कर ऐसी एंबुलेंस को सीज करे, इसमें एसीएमओ भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
फिटनेस न कराने वाली एंबुलेंस करेंगे सीज
एआरटीओ प्रवर्तन एनसी शर्मा ने बताया कि विभाग में 470 एंबुलेंस पंजीकृत हैं। रिकाॅर्ड की जांच करने पर इनमें से 198 ने फिटनेस नहीं कराई है। ऐसी खटारा हाल एंबुलेंस चालकों को नोटिस भी दिया गया है। जांच में फिटनेस नहीं मिलने पर एंबुलेंस सीज कर दी जाएंगी। अभियान अभी बंद नहीं किया है।