आगरा कोर्ट के आदेश पर थाना शाहगंज में अंसल और राज दरबार ग्रुप के निदेशकों सहित 14 के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज हुआ है।
एवन लैंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मुकेश कुमार अग्रवाल ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें लिखा कि उनकी कंपनी का वर्ष 2012 में अंसल प्राॅपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक एग्रीमेंट हुआ। इसके तहत उनकी जितनी भूमि अंसल एपीआई को उपलब्ध करानी थी, बदले में उतने ही विकसित भूखंड अंसल को उनकी कंपनी को देने थे।
उन्होंने 35288 वर्ग मीटर जमीन की रजिस्ट्री कर दी। अंसल ग्रुप ने वर्ष 2013 में 14522 वर्ग मीटर भूखंड ही आवंटित किया। इनमें से कुछ भूखंड विकसित भी नहीं थे। कई प्लाॅटों की जमीन ही नहीं खरीदी। इस पर उन्होंने वर्ष 2016 में देवप्रिय दास, सुशील अंसल, प्रवण अंसल, योगेश गावा, विनय यादव, 3-4 अज्ञात के खिलाफ थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। यह केस कोर्ट में विचाराधीन है। आरोपी जमानत पर हैं।
मई 2022 में उन्हें दी गई जमीन से 10611 वर्ग मीटर जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट अंसल एपीआई के अधिकृत प्रतिनिधि देवेंद्र कुमार अग्रवाल ने राजदरबार हर्बल के डायरेक्टर सोहन सिंह आदि की सहमति निर्देश पर अरुण गुप्ता ने रजिस्टर्ड विक्रय इकरारनामा कर दिया। मुकेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई। राजदरबार बिल्डर को जमीन खरीद की जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने जमीन खरीद ली।
मुकदमे में अंसल भवन, कस्तूरी मार्ग, नई दिल्ली निवासी सुशील अंसल, प्रणव अंसल, अनूप सेठी, जगत चंद्रा, संदीप कोहली, सतीश चंद, मथुरा के शीतला घाटी, घिया मंडी निवासी देवेंद्र अग्रवाल, नई दिल्ली निवासी वासुदेव गर्ग, अमिता गर्ग, राधिका गर्ग, सोहन, धीरेंद्र, अरुण गुप्ता, नीरज कुमार को नामजद किया गया। मुकदमा धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश की धारा में लिखा गया। पुलिस विवेचना कर रही है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
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