फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर घर जन्में कन्हाई, चहुंओर खुशियां छाई

विज्ञापन
कासगंज में जन्माष्टमी पर्व की संध्या पर सजाया गया सोरों गेट स्थित शीतला माता मंदिर । - फोटो : KASGANJ
विज्ञापन
कासगंज। कान्हा के जन्म होने के साथ ही भक्तों के चेहरे खिल उठे। घर घर जन्म की खुशियां मनाईं गईं। मंदिरों में घंटे घडिय़ाल गूंज उठे। भक्तों का रेला मंदिरों की ओर उमड़ पड़ा। आकर्षक ढंग से सजी देव प्रतिमाओं को देख भक्त भाव विभोर हो उठे। चारों ओर कान्हा के जयकारे सुनाई देने लगे।
विज्ञापन

कान्हा के जन्म को भक्तों में काफी उत्साह देखा गया। उनके स्वागत के लिए सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गईं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जाने लगा। जैसे जैसे समय बढ़ता गया तैयारियां अंतिम रूप लेने लगी। बच्चे कृष्ण स्वरूप में सजने को बेचैन दिखे। भगवान कृष्ण से जुड़े विभिन्न स्वरूपों में बच्चे सजे। मंदिरों में तरह तरह की झांकियां सजाई गई। सांझ होने के साथ ही लोगों की बेचैनी बढने लगी। भक्त जगह जगह सजे मंदिरों एवं झांकियों को देखने के लिए अपने घरों से निकल पड़े। उन्होंने हर गली मौहल्ले में सजे मंदिरों एवं झांकियों को देखा। लोगों के मुख से झांकियों की तारिफ में कसिदे भी गढ़े जा रहे थे।
प्रभुपार्क के मंदिरों पर विशेष साज सज्जा की गई।माता चामंडा मंदिर भी आकर्षक ढंग से सजाया गया। इसके अलावा गली मोहल्लों के मंदिरों में भी विशेष साज सज्जा की गई। गली, मौहल्लों एवं बाजारों में काफी गहमा गहमी बनी रही। रात 11 बजे के बाद भक्तों ने अपने घरों के आसपास के मंदिरों की ओर लौटना शुरू कर दिया और वे बेसब्री से मध्यरात्रि होने का इंतजार करने लगे। जैसे जैसे समय बढ़ता गया लोगों के दिलों की धड़कने बढने लगी। घड़ी की सुईयां जैसे ही बारह बजे के मिलान बिंदु पर पहुंची वातावरण घंटे घडिय़ालों की आवाज से गू़ंज उठा। मंदिरों में महा आरती शुरू हो गई। भक्त जय कन्हैया लाल के जयकारे लगाने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें