हिंदी की खुशबू फैलाने वाले साहित्यकारों पर शोध
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शोधार्थी विदेशों में हिंदी खुशबू फैलाने पर वाले साहित्यकारों पर शोध कर रहे हैं। कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर के निर्देशन में चारू अग्रवाल, मोहिनी दयाल, भावना यादव प्रवासी साहित्यकारों और उनके साहित्य का अध्ययन कर रहे हैं।
तेजेंद्र शर्मा इंग्लैंड में हिंदी के ध्वज वाहक
शोधार्थी चारू अग्रवाल ने कहा कि मैं ‘तेजेंद्र शर्मा की कहानियों में महानगरीय संवेदना के विविध आयाम’ विषय पर शोध कार्य कर रही हूं। तेजेंद्र शर्मा इंग्लैंड में जाना-माना नाम हैं। वह हिंदी के प्रसार के लिए वहां बड़ा काम कर रहे हैं।
अमेरिका में हिंदी साहित्य पर काम कर रही
शोधार्थी मोहिनी दयाल ने कहा कि मेरा टॉपिक ‘अमेरिका की प्रतिनिधि महिला कथाकारों के उपन्यासों में प्रवासी जीवन है’। अमेरिका में हिंदी साहित्य पर काम करने वाले विभिन्न साहित्यकारों पर शोध कार्य कर रही हूं। उनके साहित्य सृजन को पाठकों के बीच लाना मकसद है।
40 वर्षों से हिंदी को बढ़ावा दे रहीं प्रियदर्शनी
शोधार्थी भावना यादव ने कहा कि मेरा शोध कार्य ‘सुदर्शन प्रियदर्शनी के साहित्य में प्रवासी जीवन का चित्रण’ विषय पर चल रहा है। सुदर्शन प्रियदर्शनी 40 वर्षों से अमेरिका में हिंदी को बढ़ावा दे रही हैं। उनकी रचनाओं से लोगों को रूबरू होना चाहिए।