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सपा नेता की कंपनी पर 55 घंटे चली कार्रवाई, 200 करोड़ से अधिक अघोषित आय के मिले कागजात

Fri, 08 Feb 2019 08:12 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सलोनी ऑयल मिल के मालिक शिव कुमार राठौर का घर - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में समाजवादी पार्टी नेता शिव कुमार राठौर के सलोनी ग्रुप, उनके साझेदार पीएल शर्मा और संतोष शर्मा पर 55 घंटे तक चले आयकर छापे में 12 करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर की गई है, जबकि 200 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय के कागजात मिले हैं। छापे में मिले 5 करोड़ रुपये के वारिस तीसरे दिन भी सामने नहीं आए, जबकि 1.39 करोड़ रुपये की नगदी और 2.30 करोड़ रुपये की ज्वैलरी मिली। 
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आयकर छापे में आरपी इन्फ्रा के डायरेक्टर संतोष शर्मा ने 12 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा कर दिया। प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार ने बताया कि छापों के तीसरे दिन संतोष शर्मा के पास से प्रॉपर्टी के कई कागजात सीज कर दिए गए हैं, जबकि उनके दो लॉकर भी सील किए गए हैं। 

सपा नेता शिव कुमार राठौर के कारोबारी साझेदार पीएल शर्मा ने आयकर अधिकारियों से अपने परिसर पर पीओ (प्रोहिबिटरी आर्डर) लगवाया है। उन्होंने अगले सप्ताह तक आयकर से जुड़े कई कागजात देने के लिए समय मांगा है। उनके पास से करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के ऐसे कागजात मिले हैं, जिनसे अघोषित आय का पता चला है। 
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इसकी भी जांच करेगा आयकर विभाग

संजय प्लेस में जीजी नर्सिंग होम के सामने बनाए गए सात मंजिला कारपोरेट पार्क में बेचे गए हिस्सों के कई कागजात विभाग को मिले हैं। 1.82 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में जिन पार्टियों को बेचा गया है, आयकर विभाग उनकी भी जांच करेगा।

तीन दिन तक चली आयकर कार्रवाई प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार की अगुवाई में हुई, जिसे संयुक्त निदेशक तरुण कुशवाह ने कोआर्डिनेट किया। उपनिदेशक जांच आरके गुप्ता और योगेंद्र मिश्रा के साथ आयकर टीमों ने कार्रवाई को अंजाम दिया। 

राठौर परिवार के खेल से आयकर अफसर भी हैरान

सपा नेता शिव कुमार राठौर और दिनेश राठौर की कंपनियों से जो कागजात मिले हैं, उनसे 200 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा हो सकता है। आयकर अधिकारियों के मुताबिक उनकी कंपनियों ने बोगस खरीद और खर्चे दिखाए हैं। 
 
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जो लोग सरसों की बिक्री का काम ही नहीं करते, उनसे सरसों की खरीद दिखाई गई है। गरीब किसानों के खातों को खोलकर उनमें 45 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन किए गए हैं। सरसों की जो खरीद दिखाई गई, वह ट्रक उन ई-वे बिलों को लेकर रूट से गजरे ही नहीं। 

इसके अलावा दिनेश राठौर की कंस्ट्रक्शन और रीयल इस्टेट फर्म के जरिए काले धन को सफेद करने संबंधी कागजात सामने आए हैं। इसमें भी गरीब मजदूर के नाम पर कंपनी बनाकर सब कांट्रैक्ट दिखाए गए हैं। 

'सलोनी ग्रुप की आयकर जांच में बोगस फर्म के जरिए बोगस खरीद और खर्चे दिखाए गए हैं। किसानों को सरसों में तेल की मात्रा कम बताकर गड़बड़ी की जा रही है। तेल के अंतर को पूरा करने के लिए बोगस खरीद और आपूर्ति दिखाई गई। शिव कुमार राठौर ने जांच में सहयोग भी नहीं किया और पूरी टीम के साथ दुर्व्यवहार किया।'
अमरेंद्र कुमार, प्रधान आयकर निदेशक जांच
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