बटेश्वर में तीसरे दिन धढल्ले से हुआ यमुना में मूर्ति विसर्जन पुलिस रही नदारद
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बाह। तीर्थनगरी बटेश्वर में रविवार को तीसरे दिन भी मैया के जयकारों के बीच प्रतिमाओं के विसर्जन किया गया। इस दौरान पुलिस के मौजूद नहीं रहने से लोगों ने कुंडों के बजाय नावों से नदी में जाकर मूर्तियां विसर्जित कीं।
रविवार को बाह, जरार, होलीपुरा, भदरौली, जैतपुर, पिनाहट से श्रद्धालु मैया का जयकारा लगाते हुए मूर्ति विसर्जन के लिए बटेश्वर पहुंचे थे। घाट पर पुलिसकर्मियों के नहीं रहने से जलकुंडों को छोड़कर लोग सीधे यमुना किनारे पहुंचे। घाटों पर अवैध रूप से चल रही नावों से यमुना की बीच धार में जाकर प्रतिमाएं विसर्जित कीं। जबकि घाट से करीब 200 मीटर पर ही पुलिस चौकी भी स्थित है।
मामले में बाह के इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने बताया कि दो दिन तक तो मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिसकर्मी तैनात किए गए ते। रविवार को नदी में मूर्तियों के विसर्जन का मामला उनके संज्ञान में नही है।