आगरा। वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर में गाड़ी का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट का ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पा रहा है। तकरीबन 50 हजार गाड़ियों का रिकॉर्ड नए सॉफ्टवेयर में नहीं है। आरटीओ में इस तरह की रोजाना पांच से छह शिकायतें आ रही हैं। जब गाड़ी मालिक आरटीओ पहुंचते हैं तो उनकी गाड़ी की फाइल के आधार पर सॉफ्टवेयर में गाड़ी का रिकार्ड दर्ज किया जाता है।
एचएसआरपी नहीं होने पर नंबर के अंत में शून्य और एक अंक वाले निजी वाहनों के चालान शुरू हो गए हैं। व्यावसायिक वाहनों के चालान एक नवंबर से ही शुरू हो चुके हैं। ऐसे में अब लोग एचएसआरपी लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। वाहन डीलरों पर एक माह तक की वेटिंग चल रही है। ऐसे में वह वाहन स्वामी जिनके वाहन का रिकॉर्ड वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर पर नहीं मिल पाता है, वह परेशान होकर आरटीओ पहुंचते हैं। अपनी गाड़ी का रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर पर नहीं आने की शिकायत करते हैं। तब कहीं जाकर उनकी गाड़ी की फाइल को खोजकर सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड को फीड किया जाता है।
पांच साल पहले स्कूटर खरीदा था, जब एचएसआरपी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया तो गाड़ी का रिकॉर्ड ही नहीं मिला। जब आरटीओ पहुंचा तब पता चला कि यह सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी के कारण हुआ। - जौहरीराम, कमला नगर
आठ साल पहले ऑटो खरीदा था, जब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के लिए आवेदन करने का प्रयास किया तो बताया गया कि वाहन का ब्योरा सॉफ्टवेयर में नहीं है। फाइल तलाशने में तीन दिन लगा दिए। - नदीम, शाहगंज
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक नवंबर 2018 से पहले तक परिवहन विभाग का सॉफ्टवेयर वाहन के नाम से था। इसे अपग्रेडेशन के बाद वाहन 4.0 के नाम से किया गया। इसके बाद आरटीओ में दर्ज तकरीबन साढ़े 12 लाख निजी और व्यावसायिक वाहनों को नए सॉफ्टवेयर में अपलोड किया गया, इस दौरान तकरीबन 50 हजार वाहन नए सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं हो पाए। जब भी वाहन का रिकॉर्ड नहीं मिलता तो फाइल से ही मिलान किया जाता है।
सॉफ्टवेयर वाहन 4.0 पर जिन वाहनों का रिकार्ड दर्ज नहीं है, ऐसी शिकायतें लेकर जब लोग आते हैं तो तुरंत ही उनकी समस्या का समाधान किया जा रहा है। संबंधित वाहन की फाइल के आधार पर सॉफ्टवेयर पर ब्योरा अंकित करवाया जा रहा है। - अनिल कुमार सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)