आरोपियों को कोर्ट ले जाती पुलिस (फाइल)
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मथुरा की अस्थायी जेल में बंद पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्य रामपुर निवासी आलम की जमानत पर सुनवाई के लिए एडीजे दशम के न्यायालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 29 अक्तूबर तय की है। उधर, जिला जज की अदालत ने बहराइच निवासी मसूद की जमानत पर सुनवाई की अगली तिथि 28 अक्तूबर निर्धारित की है।
विदेशी फंडिंग से हिंसा फैलाने की साजिश के आरोप में अस्थायी जेल में बंद पीएफआई/सीएफआई के चार सदस्यों में शामिल रामपुर निवासी आलम की जमानत अर्जी पर सुनवाई गुरुवार को जिला जज की अदालत में होनी थी, लेकिन यह सुनवाई जिला जज ने एडीजे दशम अमर सिंह के न्यायालय में स्थानांतरित कर दी। एडीजे दशम न्यायालय में आलम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई।
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सुनवाई के दौरान अभी तक इस मामले की जांच कर रहे सीओ क्राइम ब्रांच डीएस चौहान ने न्यायालय से समय मांगा। उनका कहना था कि अब यह जांच एसटीएफ को स्थानांतरित हो गई है, इसलिए जांचकर्ता को सात दिन का समय चाहिए। आलम के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने बताया कि न्यायालय ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 29 अक्तूबर की तारीख तय कर दी है।
उधर, बहराइच निवासी मसूद की जमानत अर्जी पर जिला जज की अदालत ने सुनवाई हुई। मसूद के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने बताया कि जिला जज ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की अगली तिथि 28 अक्तूबर तय की है। डीजीसी क्रिमिनल शिवराम सिंह ने बताया कि जिला जज की अदालत में 28 अक्तूबर को मसूद की जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी और एडीजे दशम की कोर्ट में 29 अक्तूबर को आलम की जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी।