हाथरस हादसे में नन्हे अयान को मौत छू कर निकल गई। वो गोद से छिटक कर झाड़ियों में गिरा। लाशों के ढेर के बीच वो कही भी नहीं दिखा। एक घंटे तक पड़ा रहा। जब रोने की आवाज आई, तो उसे झाड़ियों से निकाला गया।
हाथरस हादसे में भोला अपनी पत्नी आफरीन और डेढ़ साल के बेटे अयान के साथ गाड़ी में सवार थे। भोला की मौत हो गई, जबकि आफरीन घायल हैं। उनका इलाज अलीगढ़ में चल रहा है। भोला की बहन शहरून ने बताया कि टक्कर के बाद कई लोग छिटककर दूर जा गिरे थे। अयान अपनी मां की गोद में बैठा था, वह छिटककर झाड़ियों में गिर गया। घायलों को अस्पताल ले जाते वक्त लोगों ने बच्चे को खोजा मगर वह नहीं मिला। करीब एक घंटे बाद अयान के रोने की आवाज सुनकर उसे बचाया जा सका।
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मगफिरत की दुआ मांगी
सड़क हादसे में सैमरा के 17 लोगों की मौत पर मंटोला स्थित कैथ वाली मस्जिद में मगरिब की नमाज के बाद मगफिरत की दुआ मांगी गई। इमाम याहिया खान ने दुआ करवाई। हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने मृतकों के परिजन को 10-10 लाख मुआवजा और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इस दौरान हाजी मंसूर, ग्यासुद्दीन, अदनान कुरैशी, हाजी कदीर, हाजी हन्नो, जियाउद्दीन आदि रहे।
शोक में स्कूल और बाजार बंद रहे
गम में सैमरा गांव डूबा रहा। शनिवार को शोक में 5 सरकारी और तीन प्राइवेट स्कूल बंद रहे। बाजार भी बंद रहे। दुकानदारों ने दुकानों के शटर तक नहीं उठाए। संवाद
मां-बेटी का अंतिम संस्कार
हाथरस हादसे में गांव आंवलखेड़ा की नजमा और मासूम बेटी आरजू की मौत हो गई। शनिवार सुबह दोनों का शव आते ही चीत्कार मच गया। गमगीन माहौल में दोनों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, विधायक डाॅ. धर्मपाल सिंह, जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी, एसडीएम संगमलाल गुप्ता, एसीपी एत्मादपुर पीयूषकांत राय, तहसीलदार मांधाता सिंह आदि भी पहुंचे। परिजन को चेक सौंपा गया। कब्रिस्तान पहुंचे सपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजी लाल सुमन, सपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शर्मा, डाॅ. बीरेंद्र सिंह चौहान ने भी शोक संवेदना व्यक्त की। संवाद
पिता की जिद से बचा सादिक
आंवलखेड़ा के आबिद अपनी पत्नी नजमा, बेटे सादिक अली व दो साल की बेटी अप्पी को लेकर शुक्रवार को ससुराल गए थे। वह पत्नी व बेटी अप्पी को ससुराल छोड़ आए। बेटे सादिक ने भी मां के साथ रहने की जिद की, लेकिन पिता ने नहीं मानी। वह जिद कर उसे अपने साथ ले आए। इससे सादिक की जान बच गई।