कासगंज की अधिवक्ता मोहिनी तोमर हत्याकांड के विरोध में हिंदू संगठनों के आव्हान पर रविवार को बाजार बंद रहा। इस दौरान बारहद्वारी पर एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं को बाजार बंद कराने से पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इस पर पदाधिकारियों से पुलिस की नोंकझोंक भी हुई। इस दौरान महिलाएं भी एकत्रित हुईं।
हिंदू संगठनों ने शनिवार को शहर का बाजार बंद रखने का आव्हान किया था। इसके लिए पूरे बाजार में ई रिक्शा पर एनाउंसमेंट कराया गया। शाम को स्थानीय धर्मशाला में हिंदू संगठनों ने बैठक कर इसकी रणनीति भी बनाई। इसके बाद रविवार को सुबह ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बारहद्वारी पर एकत्रित हो गए। यहां की जो दुकानें खुली थीं, उन्हें बंद कराया।
इसके बाद एकत्रित होकर आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर पदाधिकारियों की पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। पुलिस ने इन्हें यहीं रोक दिया और आगे नहीं बढ़ने दिया। इस पर यहां एकत्रित महिलाएं यहीं धरने पर बैठ गईं। इसके बाद देर तक पदाधिकारियों का संबोधन जारी रहा। करीब 11:30 बजे धरना समाप्त हो गया। बाजार बंदी के दौरान बारहद्वारी, घंटाघर, गंदा नाला, नदरई गेट, सहावर गेट, बिलराम गेट, लक्ष्मीगंज, सोरों गेट आदि का बाजार बंद रहा। करीब 12 बजे के बाद मुख्य बाजार भी खुल गया।