हमारे प्रधान: मछला देवी और गांव दूरा का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
महर्षि दुर्वाषा ऋषि की तपोस्थली के नाम से प्रसिद्ध दूरा गांव की मछला देवी प्रधान चुनी गई हैं। राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित गांव की इससे पहले भी वे 2010 में प्रधान रह चुकी हैं। बारहवीं तक शिक्षित मछला देवी बताती हैं कि गांव में पानी की समस्या ज्यादा समस्या है। खारे पानी से निजात दिलाना ही उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके लिए वे गांव में टंकी बनवाकर पानी की आपूर्ति कराएंगी। इसके अलावा गांव में बंद पड़े स्वास्थ्य उपकेंद्र का संचालन भी प्राथमिकता में शामिल है।
ये हैं प्रमुख समस्याएं
1- गांव में लगी टीटीएसपी जर्जर पड़ी हैं। इससे पानी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं।
2- गांव में प्राथमिक स्वास्थय केंद्र पर चिकित्सक तैनात नहीं हैं, आयुर्वेदिक चिकित्सालय भी बंद पड़ा है।
3- गांव की करीब 300 बुजुर्ग और विधवा महिलाओं को पेंशन नहीं मिल रही है।
ये हैं विकास की योजनाएं
1- गांव में ओवरहेड टैंक बनवाकर घर-घर पानी की उपलब्धता कराना।
2- गांव में नालियों का निर्माण कराकर जलनिकासी और सफाई की व्यवस्था कराना।
3- चिकित्सा केंद्रो पर चिकित्सकों की तैनाती के लिए हरसंभव प्रयास करना।
ग्राम पंचायत एक नजर में
विकास खंड फतेहपुर सीकरी की ग्राम पंचायत दूरा कभी प्रसिद्ध व्यापारिक केंद्र भी रहा है। करीब 10 हजार की आबादी वाले इस ग्राम पंचायत में दो निजी डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज के साथ चार परिषदीय उच्च प्राथमिक और प्राथमिक विद्यालय हैं। एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। गांव में प्राचीन गंगा मंदिर के अलावा दुर्वाषा ऋषि के मंदिर भी हैं।
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