माघी गुप्त नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहे हैं। इस बार गुप्त नवरात्र पूरे नौ दिनों के हैं। बुधवार को नवरात्र की घटस्थापना शुभ मुहूर्त में होगी। प्रतिपदा और द्वितीया दोनों एक ही दिन होने से मां शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी देवी के साथ ही दश महाविद्या की साधना के साथ माघी गुप्त नवरात्रि शुरू होंगे। गुप्त नवरात्र में घट स्थापना, उपवास व दुर्गा सप्तशती के सात सौ महामंत्रों के साथ देवा मां की आराधना की जाती है।
आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि वर्ष में चार नवरात्र होते हैं। दो गुप्त और दो उजागर। इनमें से चैत्र और आश्विन मास में आने वाले नवरात्र को उजागर नवरात्र कहते हैं। माघ और आषाढ़ के नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। इस बार माघी गुप्त नवरात्र दो फरवरी शुरू हो रहे हैं।
ये बन रहे योग
उन्होंने बताया कि कुंभ राशि के चंद्रमा के साथ ही मकर राशि में बुधादित्य महायोग व सूर्य शनि की युति देवी आराधना के पर्व को खास बना रहे हैं। प्रतिपदा तिथि प्रातः 8 बजकर 31 मिनट तक है। बाद में द्वितीया प्रारंभ होगी, जो दूसरे दिन प्रातः 6:15 बजे तक रहेगी। इसी प्रकार महाअष्टमी का पर्व दो दिन 8 व 9 फरवरी को मनाया जाएगा।