हमारे प्रधान: ग्राम सलैमाबाद के प्रधान अभिषेक चाहर
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विकास खंड अकोला की ग्राम पंचायत सलैमाबाद की कमान इस बार गांव के लोगों ने 21 वर्षीय युवा अभिषेक चाहर को सौंपी है। बीएससी कर चुके अभिषेक गांव के बच्चों खासकर बालिकाओं को घर के ही नजदीक शिक्षा दिलाने के मकसद से ग्रामसभा में जूनियर हाईस्कूल की स्थापना करवाने की बात करते हैं। बताया कि उनसे पहले उनके परबाबा नवल सिंह 1957 से सात बार प्रधान चुने गए थे। ताई मुन्नी देवी 2005 में प्रधान चुनी गई थीं। पिता सुखवीर सिंह चाहर दो बार जिला पंचायत सदस्य रहे हैं।
ये हैं ग्राम विकास की योजनाएं
1- सर्वे कराकर नलकूप के माध्यम से ग्रामीणों को पीने के लिए मीठा पानी उपलब्ध कराना।
2- तालाब का सौंदर्यीकरण कराने के साथ ही ग्रामसभा की खाली जमीनों पर पौधरोपण कराना।
3- नालियों का निर्माण कराकर ग्रामसभा से जलभराव की समस्या को दूर करना।
ये हैं गांव की प्रमुख समस्याएं
1- ग्रामसभा में खारे पानी की समस्या से बरसों से यहां के लोग जूझ रहे हैं। जिसका अब तक निदान नहीं हो सका है।
2- तालाबों पर अतिक्रमण और नालियां क्षतिग्रस्त पड़े होने से जलभराव की समस्या है। बारिश के दिनों में गांव की गलियां तलैया बन जाती हैं।
3- ग्रामसभा के सभी गांवों में ज्यादातर संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
ग्राम पंचायत एक नजर में
अकोला विकास खंड की ग्राम पंचायत सलैमाबाद में घड़ी जरैलिया, घड़ी का नगला घड़ी नंदू और जिंदपुरा मजरे हैं। ग्राम पंचायत की कुल आबादी करीब 5000 है। ब्लॉक मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सलैमाबाद मुख्य गांव में प्राथमिक पाठशाला, एक निजी इंटर कॉलेज एवं निजी डिग्री कॉलेज है। इसके अलावा घड़ी नंदू एवं जिंदपुरा में भी प्राथमिक पाठशाला है।
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