मैनपुरी। सोमवार को जनपद ईंट निर्माता समिति के पदाधिाकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वित्त मंत्री भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन में ईंट निर्माण पर कर वृद्धि का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की है। ईंट उद्योग को कर प्रणाली में राहत देने की भी अपील की।
समिति के अध्यक्ष सुनील वर्मा लालू के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल कलक्ट्रेट पहुंचा। ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें बताया जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक में ईंट उद्योग पर कर को लेकर किए गए प्रस्ताव न्यायसंगत नहीं हैं। उन्होंने बताया कि नए प्रस्ताव के तहत अब 20 लाख रुपये सालाना टर्नओवर ही जीएसटी से मुक्त होगा, जबकि पहले ये सीमा 40 लाख रुपये सालाना थी। वहीं ईंटों पर लगने वाला कर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव जनहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि भट्ठा उद्योग बड़े पैमाने पर देशभर में तीन करोड़ बेरोजगार भूमिहीन श्रमिकों को रोजगार देता है। वहीं कोरोना काल में पहले से ही उद्योग प्रभावित है। इसी के चलते उन्होंने नए प्रस्ताव वापस लेने और आगामी दो वर्ष के लिए ईंट बिक्री को जीएसटी से मुक्त करने की मांग की है। इस दौरान महामंत्री श्रीकृष्ण यादव, कोषाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह भदौरिया, सुनील यादव, धनेश कुमार मौजूद रहे।