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कोख के कातिल: 15 से 20 हजार रुपये की खातिर ले रहे अजन्मे की जान, हरियाणा और राजस्थान में भी फैला नेटवर्क

Mon, 24 Apr 2023 12:46 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

मास्टरमाइंड के संपर्क में एक नहीं बल्कि कई डॉक्टर हैं। एक ग्राहक से 15 से 20 हजार रुपये लिए जाते थे। पुलिस से बच सकें इसलिए ठिकाने बदलते रहते थे। 
 
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आगरा में भ्रूण परीक्षण करने वाले रैकेट का खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भ्रूण लिंग परीक्षण का खेल आगरा में कई बार पकड़ा जा चुका है। शहर से देहात तक नर्स, डाॅक्टर पकड़े जा चुके हैं। अब किरावली के अभुआपुरा में पकड़े गए मास्टरमाइंड ने हरियाणा और राजस्थान तक नेटवर्क फैला रखा है। उसके संपर्क में कई डाॅक्टर हैं। हर परीक्षण में यह स्थान बदल लेते थे।

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पुलिस की पूछताछ में विक्रमजीत ने बताया कि वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। प्राॅपर्टी डीलिंग भी करता है। भ्रूण लिंग परीक्षण काफी समय से कर रहा है। वह कई डॉक्टर के संपर्क में है। डाॅक्टर ही ग्राहकों को भेजते हैं। वह 15 से 20 हजार रुपये एक महिला से लेता है। पुलिस से बचने के लिए किराये पर मकान लेते हैं। छह महीने पहले अभुआपुरा में लिया था। मकान मालिक को हर ट्रिप पर 500 रुपये देते थे। कमलेश के मकान में केवल तीन बार ही आए थे। हर बार परीक्षण का स्थान बदल देते थे। एक दिन में 10 महिलाएं तक आ जाती थीं।

जेल से छूटते ही सरिता ने फिर शुरू किया

सीएमओ डाॅ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि विक्रमजीत रामबाग की सरिता को प्रतिदिन के 2500 रुपये देता था। वह अल्ट्रासाउंड मशीन चलाना जानती है। एक हाॅस्पिटल में नर्स थी। एक साल पहले एत्माददौला क्षेत्र स्थित प्रिया हाॅस्पिटल में हरियाणा की टीम ने डाॅक्टर के साथ नर्स सरिता को पकड़ा था। जेल से छूटने के बाद वो फिर से यही काम करने लगी।

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साथियों को देता था रोज के एक हजार

पुलिस के मुताबिक, गिरोह से दो से तीन महीने की गर्भवती महिलाएं संपर्क करती थीं। उनको तय जगह बुलाया जाता था। मशीन का इंतजाम संजय करता था। वह 1000 रुपये लेता था। नरेंद्र बाहर से आने वाले ग्राहकों को लेकर आता था। वह भी 1000 लेता था। हर केस में 10 से 15 हजार की बचत विक्रमजीत को होती थी।

राजस्थान और हरियाणा की महिलाएं

पुलिस ने मौके से छह महिलाओं को पकड़ा। इनमें दो राजस्थान तो दो हरियाणा की हैं। वहीं आगरा के आसपास के जिलों की दो और महिलाएं हैं। पुलिस महिलाओं से पूछताछ कर रही है। उनसे पता किया जा रहा है कि वह विक्रमजीत के संपर्क में कैसे आईं? उनको किस डाॅक्टर ने भेजा है।

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सात साल में छह चिकित्सक पकड़े

शहर में सात साल में छह मामले पकड़े जा चुके हैं। राजस्थान एसटीएफ भी कार्रवाई कर चुकी है। छह चिकित्सक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एक साल पहले ट्रांस यमुना काॅलोनी स्थित प्रिया हास्पिटल में भ्रूण लिंग जांच करते हुए डाॅ. राजीव कुमार को पकड़ा था। इससे पहले सदर और रुनकता में महिला चिकित्सक, धाकरान पर अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक चिकित्सक को एसटीएफ पकड़ चुकी है।
 

पोर्टेबल मशीन मिली

डीसीपी पश्चिमी जोन सोनम कुमार ने बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण में चार को पकड़ा है। पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी बरामद हुई है। स्वास्थ्य विभाग की तहरीर पर पीसीपीएनडीटी एक्ट में केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
 

यह हुई कार्रवाई

- जून 2016 को राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम ने एमजी रोड स्थित सेंटर के संचालक डाॅ. अमित गुप्ता को पकड़ा गया।
- सितंबर 2016 में फतेहाबाद में संचालित सलीम हाॅस्पिटल पर छापा मारकर संचालक अलीमुद्दीन, एएनएम शरबती, दलाल सहित तीन को पकड़ा।
- जनवरी 2017 में संजीवनी हाॅस्पिटल के संचालक डाॅ. भूपेंद्र ने नर्स के भ्रूण लिंग परीक्षण रैकेट को पकड़वाया।
- अप्रैल 2017 में राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम ने विद्या नर्सिंग होम की संचालिका डॉ. विद्या गुप्ता सहित नर्स और दो दलाल पकड़े।
- जुलाई 2017 में आईएमए की पूर्व अध्यक्ष डाॅ. निर्मला चोपड़ा सहित 4 को पकड़ा।
- अक्तूबर 2017 में राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम ने टेढ़ी बगिया में रुखसार बेगम के घर पर छापा मारकर पोर्टेबल मशीन के साथ पकड़ा।
- जनवरी 2018 में मैक्स डायग्नोस्टिक एंड पैथोलाॅजी, बोदला रोड पर संचालक अजय उपाध्याय और प्रीति कुलश्रेष्ठ को पकड़ा।
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