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चोरों के कोड वर्ड: 'तोड़ेंगे फूल-खाएंगे मिठाई', दिन में रेकी और रात में वारदात, तीन गिरफ्तार, बताया इनका मतलब

Sun, 05 Mar 2023 12:23 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

चोरों का ये गैंग ऐसे घरों को चिह्नित करता था, जिसके गेट पर ताला और कूड़ा पड़ा हो। इससे अंदाजा हो जाता था कि घर में कोई नहीं है। इसके बाद ये गैंग कोड वर्ड में बात करके वारदात को अंजाम देता था।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में झारखंड और धौलपुर के चोर अलग अंदाज में चोरी करते थे। गेट पर ताला और कूड़ा देखकर बंद घर को चिह्नित करते थे। मोबाइल पर कोड वर्ड में एक फूल और दो फूल तोड़ने की कहकर साथी बुलाते थे। कहते थे, आज तोड़ेंगे दो फूल, खाएंगे मिठाई। थाना हरीपर्वत पुलिस ने ऐसे ही गैंग के सरगना सहित तीन को गिरफ्तार किया है।

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डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि झारखंड के देवघर निवासी कपिल उर्फ हवसी, धौलपुर निवासी कलुआ और नसरुद्दीन उर्फ नस्सो को गिरफ्तार किया है। नसरुद्दीन पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित है। उस पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। उसके साथी कपिल पर नौ मुकदमे दर्ज हैं। गैंग के सदस्य अलग-अलग इलाकों में घूमकर रेकी करते हैं। जिन घरों के गेट पर ताला लगा होता है, उनको देखते हैं। यह भी पता करते हैं कि गेट से कूड़ा कब से नहीं उठा है। ज्यादा कूड़ा होने पर समझ जाते हैं कि ज्यादा दिन से ताला लगा हुआ है।

इसके बाद आपस में कोड वर्ड में बात करते थे। दो फूल का मतलब दो घरों को निशाना बनाना है। कहते थे आज दो फूल तोड़कर लाएंगे। रात में पुलिस की गश्त कम होने पर सब्बल से ताला तोड़कर घुस जाते थे। पुलिस ने आरोपियों से बाइक, चार आधार कार्ड, एक चालक लाइसेंस बरामद किया है।

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15 हजार नहीं, 4 लाख का इनाम चाहता है नसरुद्दीन

प्रेस वार्ता में पुलिस नसरुद्दीन को लाई थी। बताया गया कि आरोपी पर 15 हजार का इनाम है। इस पर नसरुद्दीन कहने लगा कि मुझ पर 15 हजार का नहीं चार लाख रुपये का इनाम होना चाहिए। पुलिस ने उसकी पत्नी से पूछताछ की। पत्नी पति से कह रही थी कि अकेले जाते थे तो नहीं पकड़े जाते थे। साथियों के साथ गए तो पकड़ लिए गए।

महिलाओं की गुप्त तिजोरी पर रहती नजर

नस्सो पूर्व में कई बार जेल जा चुका है। कपिल हाल ही में जेल से छूटकर आया है। उनकी कभी 40 हजार से ज्यादा की कमाई नहीं हुई। वह घर में घुसने के बाद सबसे पहले उन जगह को तलाशते थे, जहां पर महिलाएं अपनी अलमारी की चाबी छिपाती हैं। ज्यादा महिलाएं बेड के नीचे, अलमारी के ऊपर अखबार के नीचे, बर्तनों में चीनी दाल में छिपाती हैं। इनको ही चाबी खोलने के लिए तलाशते थे।
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