आगरा के कागारौल के मुक्खा गांव के एक व्यक्ति पर खुद को हवलदार बताकर जरार के दो भाइयों को नेवी में भर्ती कराने के नाम पर 12 लाख रुपये ठगने का आरोप है। ठगी करने के उसके गिरोह में पांच अन्य लोग भी शामिल हैं। आरोप है कि दोनों भाइयों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया था। असलियत सामने आने पर रुपये मांगे तो मारपीट की गई। जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। बाह पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
बाह थाना प्रभारी के मुताबिक जरार के मनीष ने तहरीर दी थी। इसके मुताबिक कागारौल थाना क्षेत्र के मुक्खा गांव निवासी पवन सिंह ने खुद को हवलदार बताकर मनीष और उसके भाई देवांशु को नेवी में भर्ती कराने का झांसा दिया। अपना आईकार्ड और नेवी की ड्रेस में फोटो दिखाकर पवन और उसके दोस्त रामू ने 12 लाख रुपये की मांग की। 8 अप्रैल 2019 को पवन, रामू और सूरजपुरा राजस्थान के कृष्णवीर सिंह ने चार लाख रुपये नगद ले लिए। इसके बाद आठ लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा करा लिए।
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फिर सात जुलाई 2019 को नियुक्ति पत्र भेजकर 10 नवंबर को चिल्का ट्रेनिंग सेंटर पर रिपोर्ट करने को कहा। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। परिजनों के साथ मुक्खा गांव पहुंचे तो घर पर पवन उसके पिता सुरेश, मां सुनीता, दोस्त रामू व जगवीर ने रुपये वापस मांगने पर मारपीट की। जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया। मनीष की तहरीर पर बाह पुलिस ने पवन, रामू, कृष्णवीर, सुनीता, सुरेश, जगवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसओ ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।