पकड़े गए युवक एपी एक्सप्रेस से उतरे थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम बदायूं निवासी चांद बाबू, पानीपत निवासी रोहताश, बरेली निवासी मोहम्मद जीशान और रोहतक निवासी अजय कृष्ण बताए। युवकों ने बताया कि वो चारों दिल्ली के खजूरी इलाके में किराये पर रहकर कामकाज करते हैं। गांजा लाकर फुटकर में मलिन बस्तियों में बेच आते हैं।
लॉकडाउन के कारण गांजा लाना बंद कर दिया था, लेकिन अब दोबारा से यही काम शुरू किया था। पिछले सप्ताह भी गांजा लेकर गए थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि चारों युवक दिल्ली में मजदूरी करते हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा गया है।
जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि गांजे की तस्करी विशाखापत्तनम से की जा रही है। रेलवे बोर्ड ने विशाखापत्तनम आरपीएफ को पत्र लिखकर यात्रियों की चेकिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इससे संभवत: गांजा तस्करी पर अंकुश लग सकेगा।
चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस हो या फिर विशाखापत्तनम तक जाने वाली एपी एक्सप्रेस, इन गाड़ियों से तस्कर और कैरियर एसी फर्स्ट क्लास में सफर करके गांजा ला रहे हैं। आगरा कैंट स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ इन गाड़ियों से आने वाले यात्रियों की सघन चेकिंग कर रही है। इसे देखते हुए तस्करों ने लड़कियों और बच्चों को भी कैरियर बनाकर भेजना शुरू कर दिया।
जीआरपी ने पिछले माह में दो युवतियों समेत तीन लोगों को पकड़ा था। इनमें एक छात्रा थी, वह अपनी शादीशुदा बहन के साथ पैसे के लालच में गांजा लेने विशाखापत्तनम तक गई थी।
इंस्पेक्टर जीआरपी कैंट विजय सिंह चक ने बताया कि ज्यादातर गांजा तस्करी में लिप्त लोग आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद सड़क मार्ग से दिल्ली तक पहुंचते हैं। सीओ जीआरपी गजेंद्रपाल सिंह ने बताया कि स्टेशन के साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया में भी जीआरपी व आरपीएफ की टीमें निगरानी कर रही हैं।