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ट्रेनों से गांजे की तस्करी: आगरा कैंट पर 24 दिन में 13 तस्कर गिरफ्तार, 78 किलो गांजा बरामद

Tue, 25 Aug 2020 10:15 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ ने पिछले सप्ताह में दो बार में चार युवकों को गांजे की तस्करी में पकड़ा है। तीन युवकों से 24 किलो और एक युवक से 10 किलो गांजा बरामद किया था। 
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गांजा तस्करों के बारे में जानकारी देते जीआरपी इंस्पेक्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दक्षिण भारत से आने वाली ट्रेनों से गांजे की तस्करी की जा रही है। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर इन ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों की सघन निगरानी के कारण लगातार गांजा बरामद किया जा रहा है। अगस्त में ही अब तक 24 दिनों में 78 किलो गांजा बरामद हो चुका है, जबकि 13 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। 
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सोमवार को आगरा कैंट स्टेशन पर फिर चार तस्कर पकड़े गए। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने सोमवार की सुबह चार युवकों को 28 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। चारों युवक विशाखापत्तनम से गांजा लाकर दिल्ली में बेचते थे।


आगरा कैंट जीआरपी इंस्पेक्टर विजय सिंह चक ने बताया कि सुबह करीब 5.45 बजे स्टेशन के झांसी एंड पर चार युवकों को संदिग्ध अवस्था में पटरियां पार करके जाते देखा। इस पर टीम ने घेराबंदी करके उन्हें पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से अलग अलग बैगों में 28 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। 
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पकड़े गए युवक एपी एक्सप्रेस से उतरे थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम बदायूं निवासी चांद बाबू, पानीपत निवासी रोहताश, बरेली निवासी मोहम्मद जीशान और रोहतक निवासी अजय कृष्ण बताए। युवकों ने बताया कि वो चारों दिल्ली के खजूरी इलाके में किराये पर रहकर कामकाज करते हैं। गांजा लाकर फुटकर में मलिन बस्तियों में बेच आते हैं। 

लॉकडाउन के कारण गांजा लाना बंद कर दिया था, लेकिन अब दोबारा से यही काम शुरू किया था। पिछले सप्ताह भी गांजा लेकर गए थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि चारों युवक दिल्ली में मजदूरी करते हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा गया है।

जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि गांजे की तस्करी विशाखापत्तनम से की जा रही है। रेलवे बोर्ड ने विशाखापत्तनम आरपीएफ को पत्र लिखकर यात्रियों की चेकिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इससे संभवत: गांजा तस्करी पर अंकुश लग सकेगा। 

एसी फर्स्ट क्लास में करते हैं सफर

चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस हो या फिर विशाखापत्तनम तक जाने वाली एपी एक्सप्रेस, इन गाड़ियों से तस्कर और कैरियर एसी फर्स्ट क्लास में सफर करके गांजा ला रहे हैं। आगरा कैंट स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ इन गाड़ियों से आने वाले यात्रियों की सघन चेकिंग कर रही है। इसे देखते हुए तस्करों ने लड़कियों और बच्चों को भी कैरियर बनाकर भेजना शुरू कर दिया। 

जीआरपी ने पिछले माह में दो युवतियों समेत तीन लोगों को पकड़ा था। इनमें एक छात्रा थी, वह अपनी शादीशुदा बहन के साथ पैसे के लालच में गांजा लेने विशाखापत्तनम तक गई थी। 

इंस्पेक्टर जीआरपी कैंट विजय सिंह चक ने बताया कि ज्यादातर गांजा तस्करी में लिप्त लोग आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद सड़क मार्ग से दिल्ली तक पहुंचते हैं। सीओ जीआरपी गजेंद्रपाल सिंह ने बताया कि स्टेशन के साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया में भी जीआरपी व आरपीएफ की टीमें निगरानी कर रही हैं। 
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छह माह में पकड़े 25 गांजा तस्कर व कैरियर
19 पुरुष, पांच महिलाएं, एक नाबालिग किशोरी
एक फरवरी से 24 अगस्त तक बरामद गांजा: 163 किलोग्राम
पकड़े गए गांजे की कीमत: 16 लाख 30 हजार रुपये 

सरगना का केवल मोबाइल नंबर ही बता पाते हैं कैरियर 
पुलिस ने बताया कि दिल्ली में गांजा मंगवाने वाले तस्कर अपना मोबाइल नंबर ही देते हैं। पुलिस ने कई कैरियरों से पूछताछ की, कैरियर गांजा मंगवाने वाले का मोबाइल नंबर ही बता पाए। तस्कर भी अपना मोबाइल बदल लेते हैं। इस कारण उनकी धरपकड़ में मुश्किल आती है। 
 
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