कासगंज। विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार के न्यायालय ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के चार दोषियों को 5-5 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 24 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
सिकंदरपुर वैश्य के नगला रज्जी मजरा बढौला निवासी सोनपाल की पट्टे की आवंटित जमीन पर लगे 8 बबूल के पेड़ 20 जनवरी 2014 को नगला ढक निवासी उमेश, ओमेंद्र, ग्रीश व मोटा पुत्रगण रोशन यादव ने काट लिए, जिसका विरोध करने पर मारपीट, गाली गलोच कर धमकी दी गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले की पत्रावली न्यायालय में पेश कर दी। कोर्ट ने गवाहों के वयानों आदि के आधार पर चारों को दलित उत्पीड़न का दोषी पाया।
कोर्ट ने चारों दोषियों को धारा 323 के तहत 1-1 साल की सजा, धारा 504 के तहत 2-2 साल की सजा, धारा 506 के तहत दो दो साल की सजा, धारा 379 के तहत 3-3 साल की सजा व 1-1 हजार रुपये का जुमाना एवं धारा 3(1)10 अनुसूचित जाति अनुसूचित जाति अधिनियम के तहत 5-5 साल की सजा एवं 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।