बाह/पिनाहट। दो दिन शांत रहने के बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश की बारिश तथा काली सिंध से छोडे़ गए पानी के कारण चंबल नदी का पानी फिर 3 मीटर बढ़ गया है। 24 घंटे में जलस्तर 118.50 मीटर से बढ़कर 121.50 मीटर होने कछारी गांवों में बाढ़ की आशंका है।
खतरे के निशान 130 मीटर से महज 8.50 मीटर नीचे बह रही चंबल नदी के पानी में बाह के 38 गांवों के कछार की फसल डूब गई हैं। रास्ते जलमग्न हो गए। स्टीमर का संचालन बंद कर दिया गया है।
गुढ़ा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, मऊ की मढै़या, पुराडाल, क्योरीपुरा, उमरैठापुरा, जेबरा आदि गांवों के लोग निचले इलाकों में रखा अपना भूसा आदि सामान ऊंचाई वाले इलाकों में पहुंचाने लगे हैं। हालांकि प्रशासन ने चंबल के उफान को लेकर पहले से ही हाई अलर्ट जारी कर रखा है। आठ बाढ़ चौकियां गठित की गई हैं।
पिनाहट घाट पर संचालित होने वाला पांटून का पुल बाढ़ के मद्देनजर बरसात के चार माह बंद रहता है। संचालन बंद होने से पांटून को रस्से से नदी किनारे बांधा गया है। इधर, रविवार की सुबह करीब 6 बजे पानी के तेज बहाव के साथ रस्से टूटने से पिनाहट घाट पर बंधे पंाटून बहने लगे।
पांटून में रखवाली करने वाली टीम के दस सदस्य भी सो रहे थे। पांटून के साथ बहते कर्मचारियों की चीख-पुकार पर अन्य कर्मचारियों ने स्टीमर से पांटून को रोका और कर्मचारियों को निकाला। इस दौरान पांटून करीब 500 मीटर बह गए थे। उपजिलाधिकारी बाह अब्दुल बासित ने बताया कि पांटून बहने में ठेकेदार की लापरवाही है, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं हथिनी कुंड बैराज से छोडे़ गए पानी से यमुना नदी का जलस्तर चार दिन में 16 फीट बढ़ गया है। बाह के 35 गांवों के कछार के खेतों में पानी भर गया है। फसलें नष्ट होने और बाढ़ की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं।
यमुना नदी धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। उफान से रामपुर चंद्रसैनी, बुढै़रा, बटेश्वर, भरतार, कोट, सिधावली, बड़ापुरा, विक्रमपुर कछार, चौरंगा बीहड़, फकीरे की मढै़या, नगला सुरई, खिलावली, सुंसार, पुरा बीरबल, कमतरी, पूठा, चरीथा, गढ़ी बरौली, गुड़ियाना आदि गांवों के कछार के खेतों पानी भर गया है। बीहड़ से जुडे़ रास्ते जलमग्न हो गए है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो तराई के गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। एसडीएम बाह अब्दुल बासित ने बताया कि यमुना में अभी बाढ़ का खतरा नही है। हल्का लेखपालों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।