फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसटीएफ के राडार में ठगी के पांच गैंग और

विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा। विशेष कार्य दल (एसटीएफ) आगरा इकाई ने चार दिन में दो गैंग के सात सदस्यों को पकड़ा। एक गैंग ने आईसीआईसीआई बैंक से पांच करोड़ का लोन फौजी बनकर फर्जी दस्तावेज पर लिया, जबकि दूसरा फर्जी फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर चार करोड़ की ठगी कर चुका था। एसटीएफ के रडार पर अभी पांच और गैंग हैं। इनमें बैंक से लोन दिलाने और फेसबुक पर दोस्ती करके ठगने वाले शामिल हैं।
विज्ञापन

एसटीएफ ने 29 अगस्त को एक गैंग संजय प्लेस से पकड़ा था। इनमें नगला अजीता निवासी अरुण पाराशर और संदीप शर्मा शामिल थे। वह आईसीआईसीआई बैंक के कर्मचारी आर्यन कुमार उर्फ अमित कुमार के साथ काम कर रहे थे।
आर्यन अपने साथियों की मदद से फर्जी दस्तावेज लगाकर बैंक से लोन पास करा रहा था। उन्होंने दस से अधिक लोगों के नाम पर पांच करोड़ के लोन लिए थे। इसके अलावा भी लोन पास कराने की तैयारी थी। आर्यन की एसटीएफ तलाश कर रही है।
विज्ञापन

चार सितंबर को एसटीएफ ने संजय प्लेस में फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा। आरोपियों में गौरव यादव, सनी मिश्रा, शिवम भारद्वाज, विष्णु चौधरी, राहुल शर्मा शामिल थे। अभी नीतू, विनय, आलोक और दीपक फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। गैंग ने आफिस खोल रखा था। इसमें युवतियों का कॉलिंग के लिए रखा था। लोगों को सस्ती ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर 2500 से लेकर 50 हजार तक खाते में जमा कराकर ठगी कर रहे थे।
एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि अभी चार से पांच गैंग की जानकारी मिली है। यह गैंग भी बैंक से लोन लेकर रकम हड़पने, लोगों से खाते में रकम जमा कराकर ठगी का काम कर रहे हैं। उन पर टीम कार्य कर रही है।
खाते में रकम आते ही कर लेते थे ट्रांसफर
एसटीएफ के मुताबिक, सस्ती ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देने वाला गैंग पहले पंजीकरण शुल्क के नाम पर 2550 रुपये लेता था। इसके लिए अपने व्हाट्सएप बिजनेस एकाउंट पर दस्तावेज लेता था। बाद में लोन पास होने का पत्र दिखाकर जीएसटी, कमीशन के नाम पर रकम लेता था।
इसके लिए एक निजी बैंक के खाते में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराते थे। खाते में रकम आते ही आरोपी अपने दूसरे खातों में ऑनलाइन एप की मदद से ट्रांसफर कर लेते थे। आरोपियों के चार खातों को एसटीएफ ने सीज करा दिया है। बैंक से खाते में हुए लेन-देन की जानकारी मांगी गई है।
शहर से बाहर भागा आर्यन
आईसीआईसीआई बैंक में फर्जी दस्तावेज लगाकर पांच करोड़ रुपये से अधिक का लोन पास कराने के मामले का आरोपी कर्मचारी आर्यन कुमार एसटीएफ के हाथ नहीं आ सका है। टीम ने कई जगह दबिश दी है। वह आगरा से बाहर भाग गया है। एसटीएफ उसके रिश्तेदार और परिचितों के बारे में जानकारी जुटा रही है। एसटीएफ निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि गैंग की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

ये हैं गैंग
1. फेसबुक पर युवती बनकर दोस्ती करने वाला गैंग।
2. परिचित बनकर कॉल करके ठगी करने वाला गैंग।
3. गिफ्ट भेजने का झांसा देकर खाते में रकम जमा कराने वाला गैंग।
4. लोन दिलाने का झांसा देकर रकम ठगने वाला गैंग।
5. युवती बनकर वीडियो कॉल करके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करके ब्लैकमेल करने वाला गैंग।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें