डीएम ने पहले दोषियों के विरुद्ध एफआईआर कराने से इनकार किया था, लेकिन कमिश्नर के हस्तक्षेप पर एफआईआर के लिए सहमति बनी। जिसमें एक लेखपाल को नामजद किया है। एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य लोगों के नाम नहीं हैं। अन्य को अज्ञात मानते हुए धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराएं मुकदमे में दर्ज की गई हैं।
22.05 लाख रुपये का अधिक भुगतान
रहनकला के गाटा संख्या 621 में सड़क किनारे दर्शाकर 1902 रुपये वर्ग मीटर का मुआवजा बांटा गया। जिससे 22.05 लाख रुपये का अधिक भुगतान हुआ। राजस्व विभाग को चपत लगी। इसकी आख्या लेखपाल रविंद्र कुमार ने दी थी। अन्य अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के बाद विधिक कार्यवाही करने का जिक्र एफआईआर में किया गया है।
31 के खिलाफ करवा चुके हैं कार्रवाई
रोहता निवासी 50 वर्षीय श्याम सिंह चाहर आठ साल से किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं। 2012 से 14 तक सिंचाई विभाग में नहर सफाई घोटाला उजागर किया। जिसमें अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित 14 इंजीनियर के विरुद्ध चार्जशीट व मुकदमा दायर कराया था।
इसके बाद कृषि विभाग में ट्रैक्टर व उपकरण की गड़बड़ियां, फिर एनटीपीसी आंदोलन किया। इनर रिंग रोड घोटाले में 18 अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध चार्जशीट दायर कराई। अब तक 31 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करा चुके श्याम सिंह हाईस्कूल पास हैं।