पांच साल में पकड़े जा चुके हैं छह डाक्टर
आगरा में पांच साल में भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में छह डॉक्टर के अलावा झोलाछाप और नर्स पकड़ी जा चुकी हैं। वर्ष 2016 में यमुनापार में एक महिला डॉक्टर भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए पकड़ी गई थीं। इसके बाद एक और अस्पताल में डॉक्टर पकड़े गए। इसी साल नालबंद में एक क्लीनिक पर डॉक्टर को पकड़ा। वर्ष 2017 में राजस्थान पुलिस ने सदर क्षेत्र के क्लीनिक पर छापा मारा था। तब आईएमए के पदाधिकारी पकड़े गए थे। वर्ष 2018 में शाहगंज और रुनकता में एक-एक डॉक्टर पकड़ा गया था। ट्रांस यमुना कॉलोनी में क्लीनिक चलाने वाला झोलाछाप चमन लाल पकड़ा गया था। वह पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड करता था। पांच साल पहले टेढ़ी बगिया क्षेत्र में महिला रुकसाना पकड़ी गई थी। वह घर पर परीक्षण करती थी।
आगरा: एसटीएफ ने भ्रूण लिंग परीक्षण का अंतर्राज्यीय गिरोह दबोचा, सरगना सहित नौ गिरफ्तार
एक हॉस्पिटल के संचालक के आवास में रह रही थी नर्स
एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि मास्टर माइंड सरिता यमुनापार के ही एक हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर के आवास में रह रही थी। उसे वहीं से पकड़ा गया। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो कार और दो बाइक भी बरामद की हैं। इनसे ही एजेंट और सरगना एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाया करते थे। पुलिस कब्जे में लिए गए आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाल रही है। इस हॉस्पिटल के संचालक पर वर्ष 2016 में भ्रूण लिंग परीक्षण का आरोप लगा था। अब रिकार्ड चेक किया जा रहा है।