ऐसे पहचानें असली डीएपी
- असली डीएपी में नाइट्रोजन और सल्फर का अनुपात 18/46 होता है।
- डीएपी को चूने के साथ हाथ पर रगड़ने से तीक्ष्ण गंध आती है।
- डीएपी से अगर तीक्ष्ण गंध न आए तो वह उर्वरक संदिग्ध हो सकता है।
- असली डीएपी तवे पर रखकर हल्का सेकने पर फूले की तरह हो जाती है।
19 हजार मीट्रिक टन का आवंटन, मिली 5500 टन
खेतों में आलू व गेहूं की बुवाई जोरों पर है। नवंबर में 19 हजार मीट्रिक टन डीएपी का आवंटन आगरा के लिए हुआ है। बृहस्पतिवार तक आगरा के किसानों के लिए 5500 मीट्रिक टन डीएपी आई है। ऐसे में डीएपी किल्लत बरकरार है। कृषि अधिकारी विनोद सिंह का कहना है कि दो-तीन दिन में और नई रेक आनी वाली हैं। जिसके बाद आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
नहीं चला सर्वर, घंटों इंतजार
डीएपी की शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है। बृहस्पतिवार को शमसाबाद, पिनाहट और बाह से खाद विक्रेताओं पर पॉश मशीनों का सर्वर नहीं चलने से डीएपी नहीं मिलने की शिकायतें आईं। किसानों ने दुकानों पर हंगामा किया। जिसके बाद उनके नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज करा डीएपी बेची गई। उनके आधार कार्ड रख लिए, जो बायोमैट्रिक पहचान के बाद वापस किए जाएंगे।
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