झारखंड से होती है आपूर्ति
आबकारी अधिकारी नीरेश पालिया ने बताया कि टिंचर में 80 फीसदी स्प्रिट होता है। जिसका इस्तेमाल देशी शराब में मिलावट के लिए भी किया जाता है। मेडिकल स्टोर से बरामद टिंचर की आपूर्ति आगरा में झारखंड से होती है।
आपूर्ति करने वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी की तलाश है। एक शीशी पर 15 रुपये रेट है। जबकि इसे 40 रुपये में बेचा जाता था। टिंचर का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नशाखोरी के लिए हो रहा है। आगरा में इससे पहले घटिया आजम खां पर 17 पेटियां पकड़ी गई थी। जिसमें एक व्यक्ति जेल में बंद हैं।
छापे के बाद भी हो रही अवैध बिक्री
आबकारी और औषधि विभाग के छापे के बाद भी टिंचर-जिंजर की अवैध बिक्री हो रही है। नशे के आदी लोग टिंचर-जिंजर खरीद रहे हैं। यह कार्टन और शटर बंद कर दुकानों से बेचा जा रहा है। सुबह और देर शाम सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। खासतौर से यमुनापार, शाहगंज, बोदला, लोहामंडी, दहतौरा, जगदीशपुरा क्षेत्र में इनकी बिक्री अधिक है।
आबकारी निरीक्षक विजय आनंद ने बताया कि टिंचर की अवैध बिक्री पर एक टिंचर माफिया को जेल भेजा है। मेडिकल स्टोर भी सील किए हैं। अभी और चिह्नित किए हैं, उन पर भी छापा मारेंगे। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि टिंचर की अवैध बिक्री पर नौ मेडिकल स्टोर सील कर दिए हैं। अभी जांच अभियान जारी है। इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है।
15 रुपये की कीमत, 50 रुपये में बिक्री
औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि छापे के वक्त जानकारी मिली कि 15 रुपये की कीमत की टिंचर जिंजर की 100 एमएल की शीशी की बिक्री करते पकड़ा था। इसे वह 50 रुपये में बेचता है। इतना ही नहीं नशे के आदी लोग और ज्यादा भी कीमत में इसकी खरीद करते हैं।