आगरा में पटना-कोटा एक्सप्रेस में दो यात्रियों की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। उनके पेट में भोजन मिला है। अब विसरा जांच से वजह पता चलेगी। पांच यात्री अस्पताल में भर्ती हैं।
उत्तर प्रदेश के आगरा में पटना-कोटा एक्सप्रेस में दो यात्रियों की मौत की स्पष्ट वजह पोस्टमॉर्टम में साफ नहीं हो पाई। इनके पेट में भोजन मिला है। भोजन जहरीले पदार्थ में कैसे परिवर्तित हुआ, उसकी प्रकृति व तीव्रता जानने के लिए विसरा रखा गया है। विसरा की जांच रिपोर्ट आने पर ही असली वजह पता चल सकेगी। उधर, एसएन मेडिकल कॉलेज और रेलवे अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत में सुधार है। दो की हालत स्थिर बनी है।
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पटना-कोटा एक्सप्रेस में दूषित भोजन करने से कुमारी बाई नेताम और रामा निषाद की मौत हो गई थी। सोमवार को इनका पोस्टमॉर्टम हुआ। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। पेट में भोजन मिला है। पोस्टमॉर्टम से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। विसरा जांच से विषाक्त की स्थिति का पता चल सकेगा।
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती अनीता को भी होश आ गया है। सामने बहन सुनीति और भाभी भगवंती को देखा तो पूछा कि माई कैसी हैं, वह कहां है। इस पर दोनों ने कुमारी बाई नेताम की मौत की जानकारी छिपा ली। अनीता से कहा कि माई ठीक हैं और दूसरे अस्पताल में भर्ती हैं। सब ठीक हैं, बाकी के रिश्तेदार और गांव के लोग मथुरा-वृंदावन दर्शन करने के लिए गए हैं। हम ठीक होने के बाद चलेंगे।
यात्री चेतनलाल ने बताया कि फोन पर जानकारी परिजन को दे दी है, रिश्तेदार और परिजन गांव से निकल चुके हैं। देर रात यहां पहुंच जाएंगे। डिस्चार्ज होने के बाद यहां से गांव के लिए रवाना होंगे।