अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने फतेहपुर सीकरी में सूफी शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर हिंदुस्तान-अफगानिस्तान के बीच मजबूत संबंधों और दोनों मुल्कों में अमन-चैन की दुआ मांगी।
पूर्व राष्ट्रपति करजई तीन दिन के दौरे पर शनिवार दोपहर आगरा आए। प्रतिनिधिमंडल के साथ उन्होंने चिश्ती की दरगाह पर चादरपोशी की और कव्वालियां सुनीं। करजई बुलंद दरवाजे की बुलंदी और जोधाबाई का महल एकटक निहारते रहे।
रिश्तों का नया अध्याय लिखने के लिए अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई शनिवार दोपहर आगरा पहुंचे। दोपहर बाद वह सीकरी पहुंचे और सूफी शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर जियारत की।
फतेहपुर सीकरी में हामिद करजई
- फोटो : अमर उजाला
सज्जादानशीं रईस मियां चिश्ती ने करजई का स्वागत किया और चादरपोशी कराई। सज्जादानशीं ने मजार शरीफ के दरवाजे पर फारसी में लिखे सिजरा को सुनाया तो उन्होंने पश्तो भाषा के गाइड को बुलाकर दोबारा सुना।
करीब डेढ़ घंटे तक पूर्व राष्ट्रपति करजई सीकरी में रहे। अमर उजाला और आईपीसीएस (इंस्टीट्यूट आफ पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट स्टडीज) की संयुक्त विचार शृंखला लिविंग हिस्ट्री की पहली कड़ी में हामिद करजई राजनयिकों के साथ आगरा आए हैं।
वह रविवार को ताजमहल और आगरा किला का भ्रमण करेंगे। शाम को भारत-अफगान रिश्तों पर विचार-विमर्श करेंगे। पूर्व राष्ट्रपति के साथ अफगानिस्तान के राजदूत डा. साईदा मोहम्मद अब्दाली और कई राजनयिक भी सीकरी के दीदार के लिए पहुंचे।
ताजमहल यहां से दिखता है क्या ?
हामिद करजई
- फोटो : अमर उजाला
शाम 4:15 पर दीवान ए आम की ओर से महल परिसर में प्रवेश करने के बाद पूर्व राष्ट्रपति ने हर एक इमारत के वास्तु को देखा। दीवान ए खास में सभी धर्मों के प्रतीक चिन्हों को देखकर वह हैरत में रह गए।
विश्व शांति और सर्वधर्म के सम्मान की भावना की तारीफ की। पंचमहल, अनूप तालाब, जोधाबाई का महल समेत महल परिसर को देखने के बाद जब वह बाहर निकले तो हिंदी में बोले- ताजमहल यहां से दिखता है क्या ?
गाइड चांद मोहम्मद ने बताया कि सीकरी से ताज नहीं दिखता, बल्कि आगरा किला से ताज का दीदार होता है। तब उन्होंने किले के मुसम्मन बुर्ज और शाहजहां की कैद का जिक्र किया।
पूर्व राष्ट्रपति करजई ने हिंदी में कई बार बातचीत की तो स्थानीय प्रशासन के अधिकारी हैरत में पड़ गए, हालांकि वह गाइड से अंग्रेजी और पश्तो में ही संवाद कर रहे थे।