एटा के थाना अवागढ़ क्षेत्र में बुधवार की रात में पुलिस व एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। पैर में गोली लगने से घायल बदमाश को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वह 5 जिलों में दर्ज 28 मामलों में वांछित चल रहा था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ा गया बदमाश रफीक नदरई थाना व जिला कासगंज का रहने वाला है। यह पशु चोरी, लूट, डकैती जैसी घटनाओं में फरार चल रहा था। इसके ऊपर एटा ही नहीं आगरा, अलीगढ़, कासगंज व मैनपुरी में कुल मिलाकर 28 मुकदमे दर्ज हैं। यह हिस्ट्रीशीटर है और इसके ऊपर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। अवागढ़ व सकरौली थाना क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाओं में वांछित चल रहा था।
बुधवार की रात कुछ बदमाशों के किला रोड बाईपास पर पशु चोरी की योजना बनाने की सूचना मिली। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची तो रफीक ने पुलिस टीम पर फायरिंग करना शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में रफीक के पैर में गोली लगी। पूछताछ में रफीक ने बताया कि हमारा एक सक्रिय संगठित गिरोह है। हम लोग लूट व पशु चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
गिरोह का मुखिया छोटेलाल यादव निवासी अशोक नगर थाना कोतवाली कासगंज है। जो भी भैंस आसानी से खोलने के लिए मिल जाती है, उसे खूंटे से खोलकर किसी अन्य निर्जन स्थान पर बांध देते हैं। दो-तीन भैंस इकट्ठी होने पर अन्य साथियों को गाड़ी सहित बुला लेते हैं। इसके पास से एक तमंचा, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की गई है।