फर्म और पते फर्जी, मौके पर नहीं मिला दवा का कारोबार
जांच करने वाले औषधि निरीक्षक नरेश मोहन ने बताया कि नकली व नशे की दवाओं की कालाबाजारी की जांच करते वक्त जब इनके लाइसेंस पर दर्ज पते पर जांच करने गए तो वहां यह फर्म संचालित नहीं मिली। दवाओं का कारोबार भी नहीं मिला। इनके पते पर अन्य दुकानें और कामकाज होता मिला। आसपास के लोगों से पूछने पर सभी ने दवाओं के कामकाज यहां नहीं होने की बात कही। फर्जी फर्म की रिपोर्ट कर लाइसेंस निरस्त की संस्तुति कर रिपोर्ट जमा कर दी थी।
इनका लाइसेंस किया है निरस्त
- तोमर डिस्ट्रीब्यूटर्स कपड़ा बाजार, संजय प्लेस
- जय फार्मा, आवास विकास कॉलोनी
- मां विंध्यवासिनी फार्मा, सेवला सदर
- कुणाल फार्मा, सेवला जाट, सदर
- श्रीकृष्णा फार्मेसी एंड सर्जिकल, अग्रसेनपुरम ट्रांसयमुना कॉलोनी फेज-दो
- वीआर इंटरप्राइजेज, रोहता बाग ग्वालियर रोड
- चाहर ड्रग एजेंसी, देव नगर खंदारी
बिना भौतिक सत्यापन के कैसे बने लाइसेंस: आशू शर्मा
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने कहा कि बिना भौतिक सत्यापन के कैसे लाइसेंस जारी हो गए, इसमें विभागीय लोगों की मिलीभगत है। इसकी जांच कराते हुए दोषी औषधि निरीक्षक पर कार्रवाई की जाए। इसके लिए डीएम को भी ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री के यहां शिकायत करेंगे।
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