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Agra: औषधि विभाग ने दवाओं की सात फर्म के लाइसेंस किए निरस्त, ये थी प्रमुख वजह

Wed, 06 Oct 2021 05:01 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

पता व अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे, इसलिए सात फर्मों के लाइसेंस निरस्त हुए। औषधि विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं, विभाग की जांच में मौके पर एक फर्म का फार्मासिस्ट नहीं मिल था।
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आगरा मेडिकल शॉप का लाइसेंस रद्द: प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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औषधि विभाग ने दवाओं की सात फर्जी फर्म के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। जांच में अनुभव प्रमाणपत्र और पते फर्जी मिले थे। इनके संचालकों के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। एक मेडिकल स्टोर पर फार्मेसिस्ट न मिलने पर महीनेभर के लिए लाइसेंस निलंबित किया गया है।  

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सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने बताया कि नकली और नशे की दवाओं की जांच करने के दौरान सात फर्म के लाइसेंस संदिग्ध मिले। यह दवाओं के थोक लाइसेंस थे। इनके प्रमाणपत्रों की जांच कराई तो अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी मिले। हाईस्कूल पास संचालक को चार साल और स्नातक पास संचालक को एक साल का दवाओं के कामकाज का अनुभव होना चाहिए। जांच में ये प्रमाणपत्र सही नहीं मिले।  औषधि निरीक्षक ने जब इनके मौके पर पड़ताल की तो पते भी फर्जी मिली। प्रक्रिया के तहत लाइसेंस के पते पर नोटिस भी भेजा गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया। लाइसेंस निरस्त कर औषधि निरीक्षक से इनके संचालकों पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने को कहा है। 

फार्मासिस्ट गुजरात में कर रहा नौकरी, लाइसेंस निलंबित
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि ताज मेडिकल स्टोर हनुमान मंदिर, फव्वारा की शिकायत पर जांच कराई तो मौके पर फार्मेसिस्ट नहीं मिला। वह गुजरात की दवा कंपनी में नौकरी करता था। बिना फार्मेसिस्ट के ही दवाओं की बिक्री की जा रही थी। नोटिस देकर जवाब मांगा है। तब तक एक महीने के लिए लाइसेंस निलंबित कर दिया है। 

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फर्म और पते फर्जी, मौके पर नहीं मिला दवा का कारोबार
जांच करने वाले औषधि निरीक्षक नरेश मोहन ने बताया कि नकली व नशे की दवाओं की कालाबाजारी की जांच करते वक्त जब इनके लाइसेंस पर दर्ज पते पर जांच करने गए तो वहां यह फर्म संचालित नहीं मिली। दवाओं का कारोबार भी नहीं मिला। इनके पते पर अन्य दुकानें और कामकाज होता मिला। आसपास के लोगों से पूछने पर सभी ने दवाओं के कामकाज यहां नहीं होने की बात कही। फर्जी फर्म की रिपोर्ट कर लाइसेंस निरस्त की संस्तुति कर रिपोर्ट जमा कर दी थी। 

इनका लाइसेंस किया है निरस्त
- तोमर डिस्ट्रीब्यूटर्स कपड़ा बाजार, संजय प्लेस
- जय फार्मा, आवास विकास कॉलोनी
- मां विंध्यवासिनी फार्मा, सेवला सदर
- कुणाल फार्मा, सेवला जाट, सदर
- श्रीकृष्णा फार्मेसी एंड  सर्जिकल, अग्रसेनपुरम ट्रांसयमुना कॉलोनी फेज-दो
- वीआर इंटरप्राइजेज, रोहता बाग ग्वालियर रोड
- चाहर ड्रग एजेंसी, देव नगर खंदारी

बिना भौतिक सत्यापन के कैसे बने लाइसेंस: आशू शर्मा
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने कहा कि बिना भौतिक सत्यापन के कैसे लाइसेंस जारी हो गए, इसमें विभागीय लोगों की मिलीभगत है। इसकी जांच कराते हुए दोषी औषधि निरीक्षक पर कार्रवाई की जाए। इसके लिए डीएम को भी ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री के यहां शिकायत करेंगे। 

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