कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए ड्रग विभाग इसकी बिक्री का ब्योरा मांग रहा है। इसका रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने पर विक्रेताओं पर कार्रवाई होगी, शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
आगरा जिले में 1800 से अधिक थोक दवा और 2800 के करीब फुटकर दवा विक्रेता हैं। कोरोना वायरस के मरीज लगातार बढ़ने पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही है। ड्रग विभाग को शिकायत मिली है कि विक्रेता इसके 40 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं।
ऐसे में ड्रग विभाग ने विक्रेताओं से रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने पर मरीज का नाम, पता, फोन नंबर, डॉक्टर का नाम, पता, कितने रुपये में बेचा इसकी जानकारी मांगी है। इसके अलावा विक्रेता का नाम, कितने इंजेक्शन बेचे, स्टॉक में कितने हैं, यह भी जानकारी देनी होगी।
ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने बताया कि कोई दवा विक्रेता रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचता है, तो इसका रजिस्टर बनाएगा। इन बिंदुओं पर ऑनलाइन या फिर व्हाट्सएप के जरिये जानकारी देना अनिवार्य है।
अंधेरगर्दी : 4500 का इंजेक्शन 40 हजार रुपये में
कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों के इलाज में रेमडेसिविर इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है। इसकी कीमत 4500 से 6000 रुपये है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ती है और मरीज की हालत में सुधार होता है।
आगरा में यह इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। कई दिनों से इसका स्टॉक ही नहीं है। कुछ मरीज इस इंजेक्शन को दिल्ली से मंगवा रहे हैं और इसके लिए 40 हजार रुपये तक चुका रहे हैं।
आगरा फार्मा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा ने बताया कि कई अस्पतालों से मांग आती है, लेकिन यहां स्टॉक ही नहीं है। दिल्ली में इसकी कालाबाजारी हो रही है। साढ़े चार हजार रुपये का इंजेक्शन 40 हजार तक में बिक रहा है।
दवाइयों की कालाबाजारी पर फुव्वारे में ड्रग विभाग का छापा
शहर में बुखार, मल्टी विटामिन, मधुमेह, एंटीबायोटिक और उच्च रक्तचाप की दवाइयों की कालाबाजारी की लगातार आ रही शिकायतों पर ड्रग विभाग ने शुक्रवार शाम को दवा बाजार फुव्वारा में छापा मारा। यहां कई दुकानों के दवा बिक्री के रिकार्ड चेक किए गए। इसके बाद फर्म अनुपम ड्रग्स से सैनिटाइजर और दो दवाओं के नमूने लिए। दवाइयों की बिक्री का रिकॉर्ड लिया है।
ड्रग विभाग की टीम शाम को फुव्वारा पहुंची। कम्मू टोला में अनुपम ड्रग्स के नाम से थोक की दुकान है। इसके संचालक सुनील जिंदल मिले। टीम ने बुखार, एंटीबायोटिक, मल्टी विटामिन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप की दवाओं के खरीद और बिक्री के बिल खंगाले। स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की और कंप्यूटर में दर्ज बिक्री-खरीद का ब्योरा भी देखा।
चेकिंग और जांच जारी रहेगी
ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने बताया कि दवाओं की कालाबाजारी की जांच करने करते हुए बिल का मिलान किया है। दवा और सैनिटाइजर का नमूना लेकर जांच को भेज दिया है। आगे भी इसी तरह चेकिंग और मेडिकल स्टोरों की जांच जारी रहेगी।