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विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐन वक्त पर स्थगित की पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा, छात्र हुए परेशान

Tue, 22 Sep 2020 12:20 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • तीसरी पाली में होना था प्रश्नपत्र, केंद्र पर पहुंचने के बाद छात्रों को हुई जानकारी
  • इस परीक्षा के लिए 375 सेंटरों पर 21,989 परीक्षार्थी पंजीकृत थे
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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विस्तार
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा ऐन वक्त पर स्थगित कर दी। छात्रों को केंद्र पर पहुंचने के बाद इसकी जानकारी हुई। इससे छात्रों को परेशानी हुई और मायूस लौटना पड़ा।

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सोमवार को स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों की दोपहर तीन से पांच बजे की पाली में पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा थी। यह अनिवार्य विषय है और स्नातक की तीन वर्षों में किसी भी वर्ष यह परीक्षा दी जा सकती है। सोमवार को 375 सेंटरों पर इस परीक्षा के लिए 21,989 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। 


जब ये छात्र परीक्षा देने के लिए केंद्रों पर पहुंचे तो इनको प्रवेश नहीं करने दिया और परीक्षा स्थगित की जानकारी दी। इस पर छात्रों की केंद्र व्यवस्थापकों से बहस भी हुई, कहा कि इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस पर केंद्र व्यवस्थापकों ने तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय में संपर्क करने को कहा। सैकड़ों छात्र दूरदराज से आए थे, जिनको ज्यादा परेशानी हुई। 

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अव्यवस्थाओं से बचने के लिए परीक्षा स्थगित की: परीक्षा नियंत्रक

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पता चला कि तीसरी पाली में पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा के लिए स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के आधार पर ही परीक्षा होनी थी। लेकिन बीए प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों ने भी इसका फॉर्म भर था, इसलिए वह भी परीक्षा देने आ गए। 

परीक्षा नियंत्रक राजीव कुमार ने बताया कि एक समय पर तीनों वर्षों के छात्रों की परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र की व्यवस्था करना आसान नहीं था। आगे की अव्यवस्थाओं से बचने के लिए परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया गया। जल्द नई तिथि जारी कर दी जाएगी।

अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए ही थी तैयारी

कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल ने कहा कि पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा के लिए स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए ही प्रश्नपत्र छपवाए थे, लेकिन इस परीक्षा के लिए प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों ने भी फॉर्म भरे दिए थे। इसकी जानकारी शनिवार की देर रात हुई। कम समय पर अतिरिक्त प्रश्नपत्र छपवाए नहीं जा सकते थे, इस कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ी।
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