थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि किशोरी काफी समझदार है। 17 सितंबर की रात को वह हाथरस सरकारी बस से चली गई थी। इसके बाद बस स्टैंड पर रुकी। तीन से चार घंटे बिताने के बाद वापस आ गई। उसके पास 2500 रुपये थे। 19 सितंबर को मथुरा चली गई। रात में वापस आ गई। 20 को दिल्ली के साहिबाबाद अपने मौसा के पास चली गई। मौसा घर पर नहीं थे। उनके यहां ताला लगा था। इस कारण वापस आ गई। मॉल में कपड़े खरीदने आई थी। तब ही पुलिस ने पहचान लिया।
लॉकडाउन में पिता का काम हो गया था बंद
थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि किशोरी से पता चला कि उसके पिता का लॉकडाउन से काम नहीं चल रहा है। इस कारण वह मीनाक्षी के स्कूल की फीस नहीं भर पा रहे थे। स्कूल से बार-बार संदेश आने की वजह से मीनाक्षी पिता से फीस जमा करने के लिए बोल रही थी। पिता अभी कुछ दिन में फीस जमा करने की कह रहे थे। मगर, वह जिद करने लगी। इस पर पिता ने डांट दिया था।