उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल के आसपास कुत्ते और बंदरों का खतरा कम नहीं हो रहा। पश्चिमी गेट के पास बुधवार को तीन साल के मासूम पर कुत्तों ने हमला कर दिया। उसे पैर में गहरा जख्म हो गया। स्टूडियो के पास तैनात पुलिसकर्मी ने कुत्तों को भगाकर बच्चे की जान बचाई।
धौलपुर से माता-पिता के साथ तीन साल का अमन ताजमहल देखने आया था। पश्चिमी गेट की तरफ प्रवेश करते समय एक स्टूडियो के पास लगे पुलिस बैरियर पर कुत्तों ने अमन पर हमला कर दिया। पीछे से कुत्ते ने अमन के पैर के एक हिस्से को मुंह में भर लिया। दांत गड़ा देने से अमन के पैर में गहरा जख्म हो गया।
ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर रोज कुत्ते और बंदर पर्यटकों को काट रहे हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पास इन घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस योजना नहीं। पुलिस, प्रशासन भी कुत्ते और बंदरों के हमलों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा। पिछले एक साल में 10 से अधिक पर्यटकों को बंदर काट चुके हैं।
जिस विश्वदाय स्मारक को देखने के लिए दुनियाभर से पर्यटक आगरा आते हैं, उस स्मारक में आकस्मिक स्थिति में उपचार के लिए कोई स्थायी चिकित्सक नहीं है। सीआईएसएफ कमांडेंट राहुल यादव के अनुसार स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति के लिए कई बार पत्राचार किया है। कुत्ता-बंदर काटने के अलावा पर्यटकों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जाता है।