आगरा में डीएम के तेवर सख्त दिखाई दे रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में उन्होंने तीन सीएचओ पर की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए। वहीं प्रसव की संख्या में कमी पर आशा-एएनएम को फटकार लगाई है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा की। इसमें जगनेर, सैंया, शमशाबाद सीएचसी में प्रसव की संख्या में कमी मिली। इस पर आशा और एएनएम पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों के सीएचओ की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश भी दिए हैं।
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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुधवार को हुई। इसमें बताया गया कि आंवलखेड़ा सहित कुछ केंद्रों पर बिजली व्यवस्था का बैकअप नहीं है। कई केंद्रों से इनवर्टर और जनरेटर खराब है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। पूछा कि इंजेक्शन, वैक्सीन किस तरह से रखी जा रही हैं। डेढ़ साल से अनुपस्थित चल रहे बाह के एनस्थेटिक डॉक्टर की संबद्धता समाप्त करने को कहा।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग संपूर्ण टीकाकरण अभियान में काम करने वाले लिंक वर्कर्स का मानदेय एक वर्ष से भुगतान न किए जाने की बात सामने आई। इस पर सीएमओ व संबंधित एसीएमओ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने 31 अक्तूबर तक सभी के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ अरुण श्रीवास्तव, डॉ. संजीव वर्मन, कुलदीप भारद्वाज आदि मौजूद रहे।