उत्तर प्रदेश के आगरा में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बुधवार को विकास भवन में 50 लाख रुपये से अधिक लागत की योजनाओं की समीक्षा की। सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता की शिकायत पर सैंपलिंग कराने और सीवर खुदाई के बाद बनाई सड़कों की गुणवत्ता रिपोर्ट तलब की। साथ ही क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट को टूटी व जर्जर सड़कों के सत्यापन के निर्देश दिए हैं।
दौरेठा के आस-पास कॉलोनियों के लोगों ने पिछले साला जलभराव समस्या और नाला निर्माण नहीं होने पर कॉलोनियों के नाम बदले थे। भीम नगर में यहां नाला निर्माण पर सहमति बनी। जुलाई तक नाला बनना था, लेकिन मियाद खत्म होने के बाद भी 60 प्रतिशत काम हो सका। डीएम नवनीत सिंह चहल ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। बैठक से अनुपस्थित रहे ग्रामोद्योग अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
घर-घर गंगाजल पहुंचाने, कनेक्शन करने व अन्य रेट्रो फिटिंग कार्यों में लापरवाही सामने आई है। अमृत योजना के तहत कनेक्शन नहीं हुए। डीएम ने पिछली बैठक में सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने पर ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम ने आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य शत प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव को दिए हैं।