जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बुधवार को टीजीटी और पीजीटी को लेकर केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। डीएम ने चेतावनी दी कि परीक्षा की सुचिता भंग करने कोशिश करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि परीक्षा सकुशल, निष्पक्ष, नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से हो इसकी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों की होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी के द्वारा परीक्षा की सुचिता को भंग करने की चेष्टा की या परीक्षा में विघ्न डालने की कोशिश की जाती है तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी। किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश पत्र, काले बाल प्वांइट पेन के अलावा अनुचित सामग्री, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने की इजाजत नहीं होगी। किसी भी कक्ष निरीक्षक, परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारी, कर्मचारी को परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित होगा। परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा कक्ष के अंदर कोई भी अधिकारी, कर्मचारी, परीक्षार्थी मोबाइल का प्रयोग करते पाया गया तो उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होगी। उन्होंने केन्द्र व्यवस्थापकों से कहा कि परीक्षा केन्द्र के मुख्य द्वार पर सघन तलाशी की जाएं। परीक्षा केंद्र पर क्लॉक रूम बनवाकर उनके मोबाइल, अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण जमा कराए जाएं, 200 मीटर की परिधि में कोई फोटो स्टेट की दुकान नहीं खुलेगी।
-----
प्रश्नपत्र खोलने और उत्तर पुस्तिका सीलिंग की कराएं वीडियोग्राफी
डीएम ने कहा कि तैनात किए गए मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षक समय से अपने-अपने निर्धारित केंद्र पर पहुंचें, प्रश्न पत्र खोलने, उत्तर पुस्तिका, ओएमआर सीट की सीलिंग, पैंकिग के कार्य की विधिवत वीडियोग्राफी कराई जाए, परीक्षा अवधि में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश न करने दिया जाए। परीक्षार्थियों को भी परीक्षा समाप्त होने के उपरांत ओएमआर सीट जमा कराने के उपरांत ही परीक्षा केंद्र से जाने की अनुमति दी जाए।