आगरा। सोरों कटरा, शाहगंज के लोगों को कचरे और जलभराव के बीच दिवाली मनानी पड़ी। नाले के चोक हो जाने के कारण सोरों कटरा वाल्मीकि बस्ती में घरों के सामने नाले का गंदा पानी भर गया, जिससे पूरे दिन त्योहार पर लोगों को न केवल घर आने जाने में गंदे पानी से होकर निकलना पड़ा, बल्कि रात में पूजन और आतिशबाजी के लिए मेज और तख्त रखकर काम चलाया। दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा पर सफाई कर्मचारियों का अवकाश होने के कारण वाल्मीकि बस्ती में लोग परेशान रहे।
पार्षद बंटी माहौर ने बताया कि पूरे शहर में नवीन आगरा के होर्डिंग लगाए हैं, लेकिन बस्तियों में लोग त्योहार पर भी गंदगी के बीच रह रहे हैं। नगर निगम ने न नालों की सफाई का प्रबंध किया और न ही दिवाली पर कचरे के उठान का। दिवाली पर कचरा न उठने के कारण लोगों को सड़कों पर जमा कचरे के बीच से निकलना पड़ा। त्योहार पर गंदगी और जलभराव की समस्या के लिए अधिकारी जिम्मेदार हैं। वाल्मीकि बस्ती निवासी राकेश ने बताया कि पूजन के समय नाले का गंदा पानी घर के अंदर भरने लगा। पूजन के लिए मूर्तियों को मेज पर रखना पड़ा और बच्चों का घर से निकलना बंद हो गया। दो दिन से बुरे हालात हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सड़कों पर जमा 2500 मी. टन कचरे के ढेर
शहर में दिवाली और गोवर्धन पूजा के दिन सफाई कर्मचारियों का अवकाश होने के कारण डलावघरों और सड़क किनारे रखे डस्टबिन से कचरा नहीं उठा। घरों से मोहल्लेदारी प्रथा के कर्मचारियों ने कचरा उठाकर डलाबघर पर डाल दिया जो दो दिनों से सड़कों पर जमा है, लेकिन इसे कुबेरपुर लैंडफिल साइट तक नहीं पहुंचाया गया। शहर में दिवाली पर हर दिन 1200 मीट्रिक टन कचरा निकल रहा है। ऐसे में दो दिनों में 2500 मीट्रिक टन तक कचरा सड़कों पर बिखरा है, जिसे शनिवार को उठाने का दावा नगर निगम अधिकारियों ने किया है।