इस साल दिवाली और उससे पहले व बाद के त्योहार कचरे के ढेर के बीच मनेंगे। कारण, नगर निगम के डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की खराब व्यवस्था। दिवाली के चलते घरों में इन दिनों सफाई का दौर जारी है। इस वजह से सामान्य दिनों के औसत 850 मीट्रिक टन कचरे की तुलना में इन दिनों घरों से दोगुना कचरा निकल रहा है। हालांकि कूड़ा उठान की व्यवस्था जस की तस है। इस वजह से कचरे को काॅलोनियों और रिहायशी क्षेत्रों के आसपास बने अघोषित डलावघरों में या सड़क पर नालियों के किनारे फेंका जा रहा है।
इस कचरे को हटाने के नाम पर निगम की सफाई कर्मियों की फौज नाकाफी साबित हो रही है। कई पार्षद सदन में भी इस बात को खुलकर कह चुके हैं कि चूंकि निगम डोर टू डाेर कचरा कलेक्शन करने वाली कंपनी स्वच्छता फाउंडेशन का भुगतान रोकने की बात तो कह रहा, लेकिन अभी तक न तो गाड़ियों की संख्या बढ़ी, न ही कूड़ा उठान का क्षेत्र। जाहिर है कि सामान्य दिनों की तरह हो रहे कूड़ा उठान की वजह से शहर की सूरत बिगड़ रही है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम का कहना है कि कंपनी का भुगतान रोकने के साथ ही उसे कर्मियों व वाहनों की संख्या बढ़ाने और कूड़ा कलेक्शन के लिए नोटिस दिया गया है। कर्मियों की मौजूदा संख्या का भी ब्योरा तलब किया गया है। सुधार नहीं किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इन क्षेत्रों में लग रहे कचरे के ढेर
न्यू शाहगंज, न्यू गोविंद नगर, आवास विकास सेक्टर 7, अवधपुरी रोड, अलबतिया, दहतोरा में शेखर रेजीडेंसी के सामने, बालूगंज में फूलमंडी के पास, मारुति स्टेट रोड, कमला नगर जी ब्लॉक नाले के पास, मुगल रोड, बल्केश्वर में सरस्वती नगर, जीवनी मंडी रोड पर।