निजी अस्पतालों में इनका खर्च अधिक होने के कारण गरीब तबके के मरीजों को परेशानी हो रही है। बीते साल की बात करें तो अक्तूबर में आंखों के 20 से 30 और दांतों के सात से दस ऑपरेशन रोजाना होते थे।
रामबाग निवासी 62 साल के राजेश कुमार की आंखों में मोतियाबिंद है। उन्हें धुंधला दिख रहा है। टेलीमेडिसिन से ऑपरेशन के बारे में पूछा तो अभी ऑपरेशन नहीं होने की जानकारी दी गई। निजी अस्पतालों में खर्च अधिक होने के कारण ऑपरेशन शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
केस दो:
शास्त्रीपुरम में निवासी 27 वर्षीय युवक की देवोत्थान को शादी है। उसके आगे के दो-तीन दांत टेढ़े हैं, इनको सीधा करवाना है। एसएन में दंत रोग की टेलीमेडिसिन में ऑपरेशन शुरू होने तक युवक से रुकने को कहा गया है। इनका कहना है कि प्राइवेट में इलाज कराने में बहुत खर्चा आएगा।
लॉकडाउन खत्म होने के चार महीने बाद भी एसएन मेडिकल कॉलेज में आंख और दांतों के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। इससे मरीजों की मुसीबत बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी मोतियाबिंद, कालापानी, रूट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी), जबड़ों में दर्द के मरीजों को हो रही है। यहां लगभग आठ महीने से ऑपरेशन बंद हैं।
लॉकडाउन के कारण ओपीडी बंद होने के साथ ही आंख-दांत के ऑपरेशन भी नहीं हो रहे हैं। आंखों और दांतों के ऑपरेशन से पहले ओपीडी में ही मरीज की जांच की जाती है। निजी अस्पतालों में इनका खर्च अधिक होने के कारण गरीब तबके के मरीजों को परेशानी हो रही है।
बीते साल की बात करें तो अक्तूबर में आंखों के 20 से 30 और दांतों के सात से दस ऑपरेशन रोजाना होते थे। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि सोमवार को विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर ओपीडी शुरू करने की गाइड लाइन तय करेंगे। 15 से ओपीडी शुरू होगी और तभी से ऑपरेशन भी किए जाएंगे।
जिला अस्पताल में दो दिन ही ऑपरेशन
संक्रमण को देखते हुए जिला अस्पताल में दो दिन ही आंखों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इसमें भी गंभीर बीमारी और मोतियाबिंद के मरीजों के ही ऑपरेशन हो रहे हैं। बाकी मरीजों को संक्रमण दर कम होने पर ऑपरेशन कराने की सलाह दी जा रही है।
पथरी, एपेंडिक्स, ईएनटी के ऑपरेशन को सप्ताह बाद की तारीख
एसएन में पथरी, एपेंडिक्स, कैंसर, आंत, टूटा हुआ जबड़ा, ईएनटी के ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। इन सभी के रोजाना करीब 10 ऑपरेशन हो रहे हैं। इसके लिए 15 से 20 मरीज पंजीकरण करा रहे हैं। ऐसे में इनकी जांच और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कराते हुए सप्ताह भर की तिथि देकर ऑपरेशन कर रहे हैं।
तीन घंटे चलेगी ओपीडी, करना होगा ऑनलाइन पंजीकरण
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। उसी वक्त मरीज को समय और तिथि एलॉट कर दी जाएगी। सोमवार को प्राचार्य सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर ओपीडी की रूपरेखा तय करेंगे। अभी ओपीडी तीन घंटे चलाने का विचार चल रहा है।
एसएन में ओपीडी 15 से शुरू करने की तैयारी चल रही है। कोरोना को देखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हर विभाग की एक दिन छोड़कर ओपीडी का विचार है। मतलब मेडिसिन, हड्डी, सर्जरी की एक दिन तो अगले दिन त्वचा, दांत, हृदय समेत अन्य मर्ज की ओपीडी होगी। इस तरह से सभी विभागों में सप्ताह में तीन दिन ही मरीज देखे जाएंगे। ओपीडी पर पर्चा बनाने की व्यवस्था खत्म की जाएगी। ई-हॉस्पिटल के जरिए मरीज पोर्टल पर ही अपने नाम से संबंधित बीमारी दर्ज करेगा, वहां से ही उसे समय और दिन एलॉट कर दिया जाएगा।
थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क और सैनिटाइजेशन अनिवार्य रहेगा। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि भीड़ कम करने के लिए शुरुआत में तीन घंटे ओपीडी का विचार है, ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा की जा रही है। सोमवार को ओपीडी प्रभारी और विभागाध्यक्षों से बात कर ओपीडी की गाइड लाइन तय की जाएगी।