एसएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में रोजाना पांच से आठ मरीजों के लिए प्लाज्मा की मांग आ रही है। प्लाज्मा की मांग करने वालों में आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद, दिल्ली, नोएडा के भी मरीज हैं। मांग लगातार बढ़ने और डोनर की कमी के कारण मरीजों को प्लाज्मा समय पर नहीं मिल पा रहा है। संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों की काउंसिलिंग करने के बाद बमुश्किल वह प्लाज्मा दान करने के लिए तैयार होते हैं।
ऐसे में मरीजों को प्लाज्मा के लिए दो-तीन दिन लग रहे हैं। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि एसएन में भर्ती मरीजों के लिए प्लाज्मा देने की प्राथमिकता रहती है, निजी अस्पतालों के मरीजों को डोनर की व्यवस्था करने को कहते हैं।
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छह शहरों में ही है प्लाज्मा दान करने की सुविधा
प्रदेश में आगरा समेत छह मेडिकल कॉलेज में ही संक्रमित मरीजों के लिए प्लाज्मा दान करने की व्यवस्था है। इस कारण एसएन में अन्य शहरों के मरीज भी संपर्क करते हैं। संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की सूची बनाकर उन्हें प्लाज्मा दान करने के लिए काउंसिलिंग भी करते हैं। एबी-पॉजटिव ग्रुप के मरीज को इसी ग्रुप का प्लाज्मा दिया जा सकता है, ऐसे में इनकी अलग से सूची बनाई गई है।