कासगंज जनपद में जानलेवा बुखार से नौ माह की बच्ची सहित तीन और लोगों की मौत हो गई। बुखार व डेंगू से अब तक जिला में 64 जानें जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए जा रहे शिविरों से भी लोगों को सही ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं।
शहर के झंडा चौक निवासी विजय की पुत्री माही (9 माह) को एक अक्तूबर को तेज बुखार आया। चिकित्सकों ने उसे निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। इलाज के बाद भी जब बुखार नहीं उतरा तो परिजन उसे अलीगढ़ ले गए। यहां शनिवार देररात उसकी मौत हो गई।
गंजडुंडवारा के गनेशपुर निवासी मुहीम (13) पुत्र हमीद खान पिछले को 15 दिन पहले तेज बुखार आया। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन लाभ नहीं मिला। इसके बाद परिजन उसे अलीगढ़ ले गए। इसके बाद दिल्ली के सफरदरजंग ले जाया गया। यहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसी गांव के अख्तर, उनकी पुत्री फईम (17) , सिमरन (19), फराना पुत्री नसीम, सादाव शेख पुत्र मुबीरुल तेज बुखार के चलते अलीगढ़ मे भर्ती है। इस गांव के हालात काफी विकराल है।
नगर के मोहल्ला आवाजी निवासी रुखसार (30) पत्नी अब्दुल जब्बार को एक अक्तूबर को तेज बुखार आया। निजी चिकित्सक के यहां इलाज कराने पर लाभ नहीं मिला। इसके बाद परिजन अलीगढ़ ले गए। जहां देररात उनकी मौत हो गई। इस बस्ती में बुखार से यह दूसरी मौत है।
हिम्मतपुर में लगाया स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम हिम्मतपुर सई में बुखार से युवक की मौत के बाद शिविर लगाया। शिविर में बुखार, सर्दी खांसी, जुकाम आदि के पीड़ित 60 मरीजों की जांच की गई। टीम में डॉ. विकास भारती, रजी अहमद, एलटी जीशान खान व राजेश कुमार शामिल रहे।
मैनपुरी में जानलेवा बीमारी: बुखार से महिला सहित नौ मरीजों की मौत, एक गांव में मिले 50 से अधिक बीमार